रामपुर मनिहारान में रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन ओवर ब्रिज फाटक ओवर ब्रिज का कार्य
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सहारनपुर। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे चौड़ीकरण के तहत सहारनपुर जिले में दो स्थानों पर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज के निर्माण में भूमि अधिग्रहण अड़ंगा बना हुआ है। रामपुर मनिहारान में भूमि अधिग्रहण के साथ ही वहां बने भवनों को तोड़ना भी है, जबकि जंधेड़ी रेलवे क्रासिंग पर बनने वाले ओवरब्रिज के साथ ही ग्रामीणों की मांग पर पुल के नीचे से रास्ता भी खोलना है। इन अड़ंगों की वजह से परियोजना के तय समय पर पूर्ण होने पर सवाल खड़ा हो रहा है।
दरअसल, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे चौड़ीकरण के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। रजबहों और नालों पर पुलिया का निर्माण चल रहा है, जबकि नानौता से रामपुर मनिहारान और फिर सहारनपुर तक सड़क का निर्माण काफी हो चुका है। रामपुर मनिहारान और जंधेड़ी में ओवरब्रिज का निर्माण के लिए पिलर का कार्य चल रहा है। रामपुर मनिहारान में ओवरब्रिज की एप्रोच रोड बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण होना है, उसके साथ ही बाईं तरफ बनी इमारतों को भी तोड़ा जाना है। यहां पर जमीन अधिग्रहण में मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
वहीं, नानौता क्षेत्र में जंधेड़ी रेलवे क्रासिंग पर बनने वाले ओवरब्रिज में क्षेत्रीय लोग पुल के नीचे से आसपास के गांवों के रास्ते की मांग कर चुके हैं। पूर्व में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था और भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी ने भी ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद रास्ता दिए जाने को लेकर पेंच फंस गया है, क्योंकि उसके लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
विद्युत लाइन भी करानी पड़ेगी ऊंची
रामपुर मनिहारान में रेलवे क्रासिंग के ऊपर ही हाईटेंशन विद्युत लाइन भी गुजर रही है। नियमानुसार पुल की ऊंचाई से करीब साढ़े छह मीटर की ऊंचाई पर लाइन होनी चाहिए। ओवरब्रिज बनने पर विद्युत लाइन नीचे रह जाएगी, जिस कारण इसे ऊंचा कराने के लिए अलग से बजट खर्च करना होगा। कुछ ऐसी ही स्थिति शामली जिले के बलवा में बनने वाले ओवरब्रिज में भी बताई जा रही है। वहां भी हाइटेंशन विद्युत लाइन को ऊंचा उठाना होगा।
दिल्ली - सहारनपुर हाईवे चौड़ीकरण के तहत ओवरब्रिज और एप्रोच रोड के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही यह पूर्ण हो जाएगी। तय समय में निर्माण को पूर्ण कराया जाएगा। -- संजय मिश्रा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई