नोटिस में कहा गया कि एनसीपीसीआर के चेयरमैन प्रियंक कानूनगो मदरसों और जमीयत उलमा-ए-हिंद जैसे देशभक्त संगठन को बदनाम करने के उद्देश्य से उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। जिसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसमें आगे लिखा गया है कि जमीयत के ओपन स्कूल अल्पसंख्यकों विशेषकर दीनी मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को राष्ट्र की मुख्यधारा के शैक्षिक अवसरों से जोड़ कर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य करता है।