ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द।
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ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द ने कहा कि अयोध्या के नवनिर्मित मंदिर में प्रतीकात्मक शिखर बनाया जा रहा है। यह कदम स्वागत योग्य है। यह शास्त्रसम्मत है जो सभी को अच्छा लगेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी वे श्रीराम लला प्रतिष्ठा के मौके पर ना जाने के अपने पूर्व के निर्णय पर ही कायम हैं।
जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द जी महाराज शनिवार की देर शाम सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में माता शांकभरी जयंती में शामिल होने के लिए पधारे हैं। उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने रास्ते में आते हुए सुना है कि श्रीरामलला मंदिर में कपड़े का प्रतीकात्मक शिखर बनाया जा रहा है। इसका मतलब है कि उन्होंने स्वीकार किया है कि बिना शिखर के नहीं करना चाहिए था। प्रतीक ही सही भूल सुधार किया जा रहा है।