आईटीबीपी जवान के पार्थिव शरीर को सलामी देते साथी सैनिक
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तीतरों। भारत तिब्बत सीमा सुरक्षा बल के जवान विकास के पार्थिव शरीर का राजकीय सम्मान के अंतिम संस्कार कर दिया गया। सैनिक के सात वर्षीय बेटे विराट ने चिता को मुखाग्नि दी तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। आईटीबीपी के जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी।
बता दें कि मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी में डूब कर भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान गांव डूभर किशनपुर निवासी विकास खटाना की मौत हो गई थी। बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ सुबह साढ़े छह बजे जवान के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले जैसे ही जवान के पार्थिव शरीर को लेकर उसके साथी पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। हर कोई उसके घर की तरफ दौड़ पड़ा। मृतक जवान को उसके सात वर्षीय पुत्र विराट ने मुखाग्नि दी और वहां उपस्थित आईटीबीपी के 12 जवानों के दस्ते ने अपने शस्त्र झुका कर उन्हें अंतिम सलामी दी। तिरंगे ध्वज को मृतक जवान के बेटे को सौंपा गया। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्रपाल शर्मा और कोतवाली प्रभारी प्रवेश कुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र चौधरी, सुशील खटाना, आनंद कुमार और विश्वास कुमार आदि ग्रामीणों ने आईटीबीपी के जवानों के साथ आए इंस्पेक्टर सुनील कुमार व राजपाल सिंह ठक्कर को प्रार्थना पत्र सौंप कर विकास की मौत के कारणों की जांच और उसकी पत्नी व बच्चों को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। आईटीबीपी के जवान विकास की अंत्येष्टि पर किसी भी राजनीतिक दल के नेता का गांव न पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
आईटीबीपी जवान के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़- फोटो : SAHARANPUR