सहारनपुर। डीजल की महंगाई के कारण ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जो मुनाफा होता है, उसे डीजल की महंगाई हजम कर रही है। इसलिए केंद्र और प्रदेश सरकार को ट्रांसपोर्टर कारोबार को बचाए रखने के लिए राहत देनी होगी।
उत्तर प्रदेश मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्यक्ष ब्रित चावला ने बताया कि बीते दो साल में ट्रांसपोर्ट कारोबार लगातार दबाव में है। पहले तो 2019 में नया एक्सेल लोड नियम लागू हुआ, जिसमें सामान की ढुलाई की सीमा तय की गई, फिर बीएस-6 मानक आने से नए ट्रकों की कीमतों में 10 से लेकर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। इसके बाद कोरोना काल ने अर्थव्यवस्था में बड़ी गिरावट ला दी। एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि डीजल की महंगाई के साथ ही प्रतिस्पर्धा की वजह से माल भाड़े में कोई इजाफा नहीं हो रहा है। इससे छोटे ट्रांसपोर्टर ज्यादा प्रभावित हैं। केंद्र एवं प्रदेश सरकार से मांग है कि ट्रांसपोर्ट कारोबार को विशेष दर्जे के रूप में घोषित करते हुए अन्य योजनाओं के अंतर्गत इसे भी जोड़ा जाए। ताकि छोटे ट्रांसपोर्ट कारोबारी भी परिवहन व्यवसाय में अपनी सहभागिता बनाने में सक्षम और अपने कारोबार को गति दे सकें।