सहारनपुर। देश में शहरीकरण तेजी से बढ़ा है। इसके तहत शहर के चारों तरफ कॉलोनियां विकसित हुई हैं, लेकिन अभी सुनियोजित विकास का सपना अधूरा है। प्लानिंग खूब हो रही हैं, लेकिन धरातल पर नजर नहीं आ रही हैं। अतिक्रमण हटता नहीं है तो यातायात व्यवस्था भी बेपटरी रहती है। आवासीय क्षेत्रों में व्यवसायिक भवनों का निर्माण बदस्तूर है। शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत अनेक कार्य होने हैं, जो रफ्तार पकड़ें तो सहारनपुर शहर अलग ही रूप में नजर आएगा। पेश है शहर की स्थिति पर रिपोर्ट...
तैयार की जा रही महायोजना 2031
शहर के सुनियोजित विकास के लिए महायोजना 2031 तैयार की जा रही है। महायोजना में सहारनपुर विकास प्राधिकरण के आसपास के 144 गांव को शामिल किया गया है। भविष्य के जनसंख्या और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर यह तैयार होगी। बाईपास पर सेटेलाइट बस अड्डा, ग्राम देवला से चुन्हेटी तक बाईपास अथवा रिंग रोड, दर्पण टाकिज, कल्पना टाकिज से ट्रैफिक डायवर्ट, मुख्य सड़कों की चौड़ाई, पार्किंग प्लाजा, मल्टी लेवल पार्किंग, वर्कशॉप, बस स्टॉप आदि इसमें शामिल हैं।
स्मार्ट सिटी में होने हैं यह कार्य
इंटीग्रेटेडकमांड एंड कंट्रोल सेंटर से शहर में सिटी सर्विलांस सिस्टम विकसित होना है। उसके तहत 960 कैमरे लगेंगे। कैमरों के जरिये वाहनों के नंबर तक ट्रेस हो सकेंगे। इसके अलावा ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी विकसित होगा। इसके अलावा घंटाघर से चारों तरफ स्मार्ट रोड का निर्माण होना है। इस रोड पर विद्युत लाइनें भी अंडरग्राउंड होंगी।
- ये हैं चुनौतियां
- ट्रैफिक जाम जी का जंजाल बना है। ऐसा कोई रास्ता नहीं, जहां पर ट्रैफिक जाम ना लगता हो।
- बस अड्डे शहर से बाहर नहीं किए गए हैं। दोनों बस अड्डे शहर के बीच से ही संचालित हो रहे हैं।
- सड़कों से अतिक्रमण नहीं हट पा रहा है। अतिक्रमण की वजह से चौड़ी सड़कें भी संकरी हो जाती हैं।
- आवासीय क्षेत्रों में व्यवसायिक भवनों का निर्माण बेरोकटोक कराया जा रहा है।
- डलाव घरों से कचरा उठान में सुधार नहीं होने से अनेक स्थानों पर गंदगी रहती है।
संभव है समाधान
सड़क निर्माण और विकास कार्य तय समयसीमा पर पूर्ण कराए जाने चाहिए।
ऑटो, ई रिक्शा के संचालन का रूट निर्धारण प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
जमीन की तलाश कर दोनों बस अड्डों को शहर से बाहर स्थापित कराया जा सकता है।
विकसित होने वाली नई कालोनियों में सड़क, सीवर, पार्क आदि की व्यवस्था हो।
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था और बेहतर ढंग से लागू किया जाए।
फैक्ट फाइल
10 लाख से ज्यादा की आबादी है शहर में
1,32,000 भवन पंजीकृत हैं नगर निगम में
दो नेशनल हाईवे और दो स्टेट हाईवे जुड़ते हैं शहर से