सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मुफ्त में पक्के मकान की चाह में कई परिवार बेघर हो गए हैं। किस्तें समय से नहीं पहुंचने की वजह से मकानों के निर्माण अधर में हैं। इसके चलते कई परिवारों को किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में कई परिवार ऐसे सामने आए, जो मकानों का निर्माण पूरा नहीं होने की वजह से किराए के मकान में रह रहे हैं और अभी तक हजारों रुपया किराए के रूप में भर चुके हैं। पेश है रिपोर्ट...
- रामपुर मनिहारान के मोहल्ला काजी मारूफ निवासी रुखसार पत्नी शाबाज के मकान की पहली किस्त 50 हजार रुपये की आ चुकी है। दूसरी किस्त नहीं आने की वजह से मकान का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में उन्हें तीन हजार रुपये प्रतिमाह में किराए पर मकान लेना पड़ा है। शाबाज रंगाई पुताई का काम करते हैं। ऐसे में प्रतिमाह तीन हजार रुपये चुकाना उन्हें भारी पड़ रहा है।
- सरसावा की इंदिरा कॉलोनी निवासी संदीप कौशिक ने बताया कि उन्हें मकान के लिए दो किस्त मिल गई है, लेकिन तीसरी किस्त अभी तक नहीं आई है। इसकी वजह से मकान पर दरवाजे और खिड़की नहीं लग पाई है। दरवाजों की जगह तिरपाल लटकाई हुई है। सर्दी के साथ ही चोरी का डर भी रहता है।
- बेहट के मोहल्ला शहरी दरवाजा निवासी पुष्पा सैनी पत्नी अमित सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान के निर्माण के लिए पहली किस्त सितंबर में आ गई थी, लेकिन दूसरी किस्त का इंतजार है। जिससे उनके मकान का कार्य अधर में लटका हुआ है। तीन हजार रुपये प्रतिमाह पर मकान किराए पर लिया हुआ है।
अभी तक 13918 लोगों को मिला मकान
सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2017-18 से संचालित है। बीते चार साल में कुल 25728 लोगों के मकान को स्वीकृति मिली है, जिनमें से 15139 लोगों का जियोटैग हुआ है। 13918 मकान पूर्ण हो चुके हैं।
योजना तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये की मदद दी जाती है। पहली किस्त 50 हजार रुपये की आती है, जिसमें नीव भरने तक का कार्य होता है और कॉलम खड़े किए जाते हैं। दूसरी किस्त डेढ़ लाख रुपये की भेजी जाती है, जिसमें लिंटर डालने तक का कार्य पूर्ण होता है। तीसरी और अंतिम किस्त 50 हजार रुपये की रहती है, जिससे मकान का पलस्तर आदि कार्य होते हैं।
एक नजर में योजना
वर्ष-------------स्वीकृति-------जियोटैग हुए----पूर्ण हुए मकान
2017-18-------4144----------00----------------00
2018-19-------9062----------1594-------------1064
2019-20-------4357----------5815-------------4655
2020-21--------8165---------3128-------------3734
2021-22--------00------------4602-------------4365
इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर की वजह से सभी कार्य प्रभावित हुए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्य भी शामिल हैं। किस्त मिलने में भी इसीलिए देरी हुई। अब सब सामान्य रूप से चल रहा है। प्रयास यही है कि सभी पात्रों को समय से किस्त उपलब्ध हों और मकानों का निर्माण जल्द पूर्ण हों।
- डॉ. अनुज प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी, डूडा।
नोडल अधिकारी ने लिया संज्ञान, पीओ डूडा को जारी होगा कारण बताओ नोटिस
सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को किस्त जारी नहीं होने पर अमर उजाला में 12 नवंबर के अंक में प्रकाशित खबर ‘सरकार के भरोसे तोड़ा मकान, किस्त न मिलने से रुका निर्माण खबर’ का लखनऊ से समीक्षा करने आए जिले के नोडल अधिकारी एवं प्रदेश के अपर मुख्य सचिव डॉ रजनीश दुबे ने संज्ञान लिया। उन्होंने समीक्षा बैठक में अखबार दिखाते हुए नाराजगी जताई और परियोजना अधिकारी (डूडा) को कार्यप्रणाली में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को इस मामले में जांच कर चार्जशीट जारी करने के लिए कहा। उन्होंने पीओ डूडा को 30 नवंबर तक अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए कार्यों में अपेक्षित गति लाने के निर्देश दिए है।
बेहट के मोहल्ला शहरी दरवाजा में अपने अधूरे मकान के साथ पुष्पा सैनी- फोटो : SAHARANPUR
अधूरे पड़े मकान के साथ संदीप- फोटो : SAHARANPUR
फतेहचंदपुर में टूटे कच्चे घर में पन्नी डालकर रहती बेबी- फोटो : SAHARANPUR
रामपुर मनिहारान में रुखसार का आधा अधूरा पड़ा मकान- फोटो : SAHARANPUR