देवबंद। लोगों को स्वस्थ करने वाला सरकारी अस्पताल खुद बीमारियां बांट रहा है। हाल की बारिशों से अस्पताल परिसर में पानी जमा हो गया है, जो कई दिनों से जस के तस है। अस्पताल प्रशासन ने आज तक भी परिसर में भरे पानी को निकलवाने की जहमत नहीं उठाई। जिससे मच्छरों और अन्य जहरीले कीटों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इससे मरीज और तीमारदार दोनों ही परेशान हैं।
बारिश रुके चार दिन से अधिक का समय गुजर गया है, लेकिन अस्पताल परिसर में हुए जलभराव की समस्या से मरीजों और तीमारदारों को निजात नहीं मिली है। इसकी वजह से मच्छर और अन्य जहरीले कीट पैदा हो रहे हैं, यह स्थिति न केवल भर्ती मरीजों के लिए एक खतरा है, बल्कि तीमारदारों के लिए भी परेशानी का सबब बन चुकी है। अस्पताल प्रशासन ने अब तक इस समस्या का समाधान करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे मच्छरों और अन्य जहरीले कीटों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से आसपास की कॉलोनीवासी भी परेशान हैं। लोग चिंतित हैं कि अस्पताल में लगातार जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। साथ ही इससे वातावरण भी दूषित हो गया है।
वर्जन..
अस्थाई समाधान के लिए विभाग को पत्र भेजा जाएगा। फिलहाल समस्या के समाधान के लिए मोटर लगाकर पानी को निकलवाया जाएगा। सड़कें ऊंची उठने की वजह से अस्पताल परिसर नीचे हो गया है, जिस कारण जलभराव की स्थिति बनती है। - डॉ. रियंका चौधरी चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी, देवबंद।