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कलाकृतियां बनाकर कॉलेज के लिए धन जुटा रहीं छात्राएं

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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की ओर से दीपावली मेले में लगाया गया स्टॉल और छात्राएं। - फोटो : SAHARANPUR
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आत्मनिर्भर बनने के साथ ही कॉलेज के लिए संसाधन जुटाना भी है उद्देश्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, देवला की छात्राएं आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने दीपावली मेले में स्टाल लगाया है, वहां वह अपने हाथों से बनाई कलाकृतियां बेचकर धन जुटा रही हैं। वह इस पैसे को अपने कॉलेज को समर्पित करेंगी, ताकि कॉलेज में संसाधन जुटाए जा सकें।
प्रधानाचार्य गरिमा रानी ने बताया आत्मनिर्भर बनना किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत है। चूंकि उनके यहां सभी लड़कियां पढ़ती हैं। लड़कियों के लिए यह पक्ष और महत्वपूर्ण हो जाता है कि वह आगे चलकर आत्मनिर्भर बनें, जिससे किसी पर निर्भर ना रहना पड़े। इसी सोच के साथ छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। छात्राएं घरेलू सजावट का सामान बनाने में निपुण हो चुकी हैं, उन्होंने नगर निगम की ओर से गांधी पार्क में आयोजित दीपावली मेले में स्टॉल लगाया। स्टॉल पर वह हाथों से बनी कलाकृतियां प्रदर्शित कर रही हैं। साथ के साथ कलाकृतियां बनाकर प्रदर्शन करने के साथ ही उन्हें बेच भी रही हैं। स्टॉल पर मौजूद शिक्षक प्रीति सेठ ने बताया कि छात्राएं प्रदर्शनी और कलाकृतियों की बिक्री को लेकर उत्साहित हैं, जिन्हें और बेहतर करने की हिम्मत मिल रही है। जिन छात्राओं ने प्रदर्शनी लगाई है, उनमें मानसी, आस्था, उमरा, अंशिका, मीनूपाल, तनु पाल, महक, पायल, लक्ष्मी, अनुपाल आदि रहे।
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कॉलेज को समर्पित करेंगी पैसा
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, देवला के पास संसाधनों की कमी है। पर्याप्त कक्ष तक नहीं हैं। चहारदीवारी भी नहीं है। ऐसे में कॉलेज की संपत्ति के साथ ही छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल रहते हैं। ऐसे में छात्राओं ने कलाकृतियां बेचकर अर्जित होने वाले धन को प्रधानाचार्य को सौंपने का निर्णय लिया है। सोमवार तक वह दस हजार रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी थी। इससे पहले प्रधानाचार्य और शिक्षिकाएं भी अपने वेतन से 1.5 लाख रुपया एकत्र कर कॉलेज में काम करा चुकी हैं।
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यह कलाकृतियां
प्रदर्शनी में छात्राओं ने हाथों से बनाए दीये, कंडील, फ्लावर पोट, क्ले से बने फूल, आईआईटी गांधी नगर द्वारा सिखाई जियो मैट्रिकल कंडील सजाई हुई हैं। जियो मैट्रिकल कंडील और क्ले से बने फूलों को सबसे अधिक पसंद किया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक रवि दत्त भी कॉलेज और छात्राओं के प्रयास की सराहना कर चुके हैं।
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