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सीसीटीवी से होगी कचरा उठानघरों की निगरानी

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दाबकी रोड़ पर बना कूड़ाघर - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी सहारनपुर को कचरामुक्त बनाने के लिए नगर निगम डलावघरों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की तैयारी में है, जिसकी योजना तैयार कर ली गई है। इससे डलावघरोें पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। अधिकारियों का दावा है कि व्यवस्था बनने के बाद शहर में सुबह 10 बजे के बाद कचरा नजर नहीं आएगा और शहर साफ रहेगा।
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स्वच्छता के लिए नगर निगम की पुरानी ही व्यवस्था चल रही है। सफाईकर्मी सुबह के समय शहर में सफाई करते हैं, जिसके बाद जगह-जगह से कचरा लाकर डलावघरों पर डाला जाता है। इसके बाद सुबह दस बजे तक उक्त कचरे को जेसीबी के माध्यम से ट्रकों में लादकर डंपिंग ग्राउंड तक ले जाया जाता है। आमतौर पर देखा गया है कि सफाईकर्मी सुबह दस बजे के बाद तक डलावघरों पर रेहड़े लाकर कचरा डालते रहे हैं। कई बार यह कचरा डलावघरों के सामने सड़कों तक पर आ जाता है, जिससे दिन भर सड़कें गंदी रहती हैं और कचरे से दुर्गंध फैलती है। नगर निगम दो साल से यह व्यवस्था बनाने में लगा है कि सुबह नौ बजे के बाद डलावघरों पर कचरा न आए और 10 बजे से पहले कचरे का उठान हो जाए। नौ बजे के बाद कचरा डालने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी के होर्डिंग भी कई बार डलावघरों के पास लगाए गए, लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी है। ऐसे में नगर निगम ने अब डलावघरों पर नौ बजे के बाद कचरा डालने वालों पर नजर रखने तथा दस बजे से पहले कचरे का उठान हो रहा है या नहीं इसे देखने के लिए डलावघरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। यह सीसीटीवी शहर में ऐसी जगहों पर लगाए जाएंगे, जहां से डलावघरों पर सीधे नजर रखी जा सके। उठान घरों के सामने के भवनों का इस्तेमाल भी सीसीटीवी लगाने के लिए किया जाएगा।
समाप्त किए 104 डलावघर
नगर निगम क्षेत्र में तीन साल पहले तक 142 डलावघर थे। जो शहर में जगह-जगह होने की वजह से शहर गंदा नजर आता था। नगर निगम ने तीन साल में 104 डलावघर खत्म किए हैं। वर्तमान में 38 डलावघर बचे हैं, जिनको भी कवर्ड किया गया है। यानी डलावघरों पर टीन शेड या फिर पक्के भवन बनाकर उनके सामने शटर लगवाए गए हैं, जिससे कचरा नजर ही न आए।
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एमआरएफ सेंटर
नगर निगम ने कचरे के निस्तारण के लिए शहर में दस एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर स्थापित किए हैं। यहां निगम के कर्मचारी कॉलोनियों से कचरा लाकर उसको अलग-अलग करते हैं। री-साइकिल होने वाली सामग्री जैसे प्लास्टिक, कांच और लोहा को अलग कर बेचा जाता है, जबकि गीले कचरे से खाद बनाई जा रही है।
डंपिंग ग्राउंड तैयार नहीं
नगर निगम ने कचरा निस्तारण के लिए बेहट रोड पर करीब 60 बीघा भूमि खरीदी है, जो नगर निगम का स्थायी डंपिंग ग्राउंड होगा। करीब दो वर्ष जमीन खरीदे हो चुके हैं, मगर अभी तक यह शुरू नहीं हो सका है। माना जा रहा है कि डंपिंग ग्राउंड तैयार होने के बाद कचरे का सही प्रबंधन हो सकेगा।
शहर को कचरामुक्त बनाने के लिए नगरायुक्त ने डलावघरों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। कैमरे लगने के बाद डलावघरों पर नौ बजे के बाद कचरा डालने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दस बजे तक उठान नहीं करने वालों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
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डॉ. कुनाल जैन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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