सहारनपुर। जनपद में टायफाइड तेजी से फैल रहा है। सरकारी अस्पताल के साथ ही निजी चिकित्सकों के यहां भी बड़ी संख्या में टायफाइड के मरीज पहुंच रहे हैं। अकेले एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज टायफाइड के आ रहे हैं। खास बात यह है कि अस्पताल की लैब में टायफाइड की जांच तक नहीं हो रही है।
एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि उनके पास पहुंचने वाले बुखार के मरीजों में ज्यादातर टायफाइड के हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज आते हैं, जिनमें 25 से 30 फीसदी मरीजों में टायफाइड के लक्षण हैं। उधर, फिजीशियन डॉ. संजीव गिलानी ने बताया कि बीते करीब एक माह से अचानक से टायफाइड के मरीज बढ़े हैं। प्रतिदिन 25 से 30 मरीज टायफाइड के उनके पास इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में भी टायफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। लोगों को चाहिए कि वह खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि टायफाइड दूषित खानपान की वजह से होता है।
दवाओं की कमी नहीं
एसबीडी जिला अस्पताल के औषधि प्रभारी डॉ. केवी सिंह ने बताया कि अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है। हाल ही में दो लाख रुपये की दवाएं खरीदी गई हैं। वर्तमान में लगभग सभी रोगों की पर्याप्त दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं।
टायफाइड के लक्षण
- तेज बुखार, सिर और मांस पेशियों, पेट में दर्द और उल्टी आना।
- ब्लडप्रेशर का 90 से नीचे चले जाना।
- पल्स रेट का 110 से ऊपर जाना।
- बुखार के साथ ज्यादा पीला पेशाब आना।
- सांस लेने में परेशानी होना।
- हाथ-पैर का सूज जाना एवं ठंडा होना।
बचाव के तरीके
- दूध से बनी चीजें नहीं खाएं।
- अधपका मीट नहीं खाना चाहिए।
- बाहर का जूस नहीं पीना चाहिए।
- फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए।
- सुबह बनाई सब्जी को शाम को प्रयोग न करें।
टायफाइड की जांच किट पहुंची
एसबीडी जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में करीब 15 दिन से टायफाइड की जांच किट नहीं थी। ऐसे में जांच के लिए लैब पहुंच रहे मरीज बैरंग लौट रहे थे। मगर अब किट आ चुकी है। मरीज डॉक्टर की सलाह पर जांच करा सकते हैं।