बताया गया है कि शूरा सदस्य हाल ही में उठे गजवा-ए-हिंद विवाद पर भी कोई निर्णय ले सकते हैं। इसमें दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी, मौलाना अरशद मदनी, मौलाना महमूद मदनी, मौलाना अनवार, मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना इब्राहीम, मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी, मौलाना महमूद राजस्थानी, मौलाना सैयद हबीब, मौलाना आकिल, मौलाना रहमतुल्ला कश्मीरी, मौलाना कलीमउल्लाह अलीगढ़ी और मुफ्ती शफीक आदि मौजूद रहे।
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