सहारनपुर। वर्ष 2021 स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए चुनौती भरा रहा। एक ओर जहां कोरोना की दूसरी लहर 300 से अधिक लोगों की जान लील गई, वहीं हजारों लोग संक्रमित हुए, जिनमें 600 से अधिक बच्चे भी थे। कोरोना की दूसरी लहर ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोली तो शासन, प्रशासन और विभागीय स्तर पर विभाग में कई सुविधाएं बढ़ गईं, जिनका लाभ लोगों को मिलेगा। इसी पर आधारित रिपोर्ट
ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगेे
कोरोना की दूसरी लहर में सबसे अधिक किल्लत ऑक्सीजन की रही। अनेक लोगों की जान केवल ऑक्सीजन की कमी से चली गई। इस स्थिति में राजकीय मेडिकल कॉलेज में कई साल से खराब पड़ा ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट सेना के द्वारा ठीक किया गया। एसबीडी जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित हुए। जिला महिला अस्पताल में भी एक ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगा। इसके अलावा नौ सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित हो गए।
आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा बढ़ी
शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में पहले आरटी-पीसीआर जांच के लिए मात्र एक मशीन थी। कोरोना की दूसरी लहर में उक्त मशीन कम पड़ गई। ऐसे में नगर निगम सहारनपुर के सहयोग से एक और आरटी-पीसीआर जांच मशीन दी गई। अब जनपद से आरटी-पीसीआर जांच के लिए नमूने बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती है।
150 बेड के पीआईसीयू बने
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इसका नतीजा यह हुआ कि जनपद में 150 बेड के पीआईसीयू तैयार कर दिए गए, जिनमें वेंटीलेटर की भी सुविधा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 100 बेड तथा जिला महिला अस्पताल में 50 बेड का पीआईसीयू तैयार है।
जिला अस्पताल में ओटी
एसबीडी जिला अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर का नवीनीकरण किया गया है। इसे प्राइवेट अस्पताल की तरह चमकाया गया है। साथ ही ऑपरेशन से जुड़े सभी उपकरण और मशीनें नई रखी गई हैं। इसके अलावा आईसीयू का भी पूरी तरह नवीनीकरण किया गया है।
कोविड टीकाकरण शुरू हुआ
18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए जनपद में भी कोविड वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हुआ। जनपद में 18 वर्ष से अधिक आयु के महिला एवं पुरुषों की संख्या करीब 26 लाख है। यानी इतने लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है, जिनमें से करीब 21 लाख लोगों को कोरोना की खुराक दी जा चुकी है।
डेंगू ने भी सताया
र्वष 2021 में सितंबर से नवंबर तक का समय डेंगू की वजह से चुनौती भरा रहा। चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब 415 डेंगू के मरीज मिले, जिनमें से किसी भी मरीज की जान नहीं गई, जबकि प्राइवेट लैब में होने वाली जांच में डेंगू के मरीजों की संख्या अनगिनत रही। जनपद का शायद ही ऐसा कोई गांव रहा हो, जहां बुखार से किसी मरीज का जान ना गई हो।
चर्चाओं में रहा मेडिकल कॉलेज
शेखुह हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में नवंबर माह में एमबीबीए के जूनियर और सीनियर छात्रों के गुटों में वॉलीबाल खेलने को लेकर छिड़ा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। यह विवाद तीसरे दिन इतना बढ़ गया कि पीएसी और पुलिस को दो छात्रावास खाली कराने पड़े। 27 छात्रों को चिह्नित कर निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा कोरोना की दूसरी लहर में ठेके पर रखे गए अस्थायी स्वास्थ्यकर्मी दूसरी लहर के बाद बाहर कर दिए जाने के बाद से आंदोलन की राह पर हैं। 23 दिसंबर केे 13 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया गया।
22,634 संक्रमित मिले, 302 की जान गई
कोरोना की पहली लहर में 10,269 लोग संक्रमित मिले थे, जबकि 2021 में आई दूसरी लहर में 22,634 लोग संक्रमित मिले। इनमें 673 बच्चे शामिल रहे, जिनकी आयु शून्य से 12 वर्ष तक थी। पहली लहर में 136 लोगों की जान कोरोना की वजह से गई थी, जबकि दूसरी लहर में 2021 में 302 लोगों की जान कोरोना से गई।