सहारनपुर में नोटबंदी के बाद किसानों से लेन देन नहीं करने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला सहकारी बैंक अधिकारियों का घेराव किया और रेलवे रोड पर जाम लगाया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि नगदी के संकट के चलते किसानों को रबी फसल की बुवाई से लेकर रोजमर्रा के खर्च में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सहकारी बैंक अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति सुचारु नहीं होती तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिला सहकारी बैँक के मुख्यालय पहुंचकर अधिकारियों का घेराव किया। भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि जिलेभर की सहकारी बैंक शाखाओं और सहकारी समितियों से किसानों को भुगतान नहीं हो रहा है।
जबकि जिले के 80 प्रतिशत से अधिक किसानों के सहकारी बैंकों में ही खाते हैं। नगदी के संकट के चलते किसान बीज खाद के लिए भी मोहताज हो रहा है।
किसानों के पास बच्चों की फीस और बीमारी का इलाज कराने के भी पैसे नहीं हैं। इसके चलते किसानों को भारी परेेेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने इसके विरोध में बैंक अधिकारियों का घेराव और रेलवे रोड पर जाम लगाया।
उन्होंने जल्द ही व्यवस्था सही नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इससे पहले आयोजित भाकियू की कलक्ट्रेट परिसर में मासिक बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने कहा कि किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने रामपुर मनिहारान को टाउन सिटी बनाने के फैसले पर एतराज जताते हुए कहा कि भाकियू ऐसा नहीं होने देगी। जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने कहा कि किसानों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने एक ज्ञापन डीएम को भी सौंपा। इस दौरान जगपाल सिंह, मुकेश तोमर, सुरेंद्र कांबोज, अशोक कुमार, देशपाल सिंह, रंगीलाल चौहान, हामिद खान, मेवाराम, संजय आर्य, सुलेखचंद, भूपेंद्र त्यागी, कालूराम, रघुवीर सिंह, ईश्वरचंद आर्य, संजय चौधरी, सचिन, सोनू, मनोज कमाली आदि मौजूद रहे।