‘सेशन एक पैसे का है’, ‘मैने चव्वनी खा ली है’, ‘डिब्बे की आवाज कितनी है’, ‘तेरे पास कितने लाइन है’, ‘आज फेवरिट कौन है’, ‘लाइन को लंबी पारी चाहिए’... कहने को ये सिर्फ चंद ऊटपंटाग शब्द लगें, लेकिन इनके बोलने में करोड़ों का लेनदेन हो रहा है।
बात हो रही है आईपीएल पर सट्टे बाजार की। सहारनपुर में इन दिनों करोड़ों का सट्टा लग रहा है। हाल में पकड़े गए युवक नितिन से पुलिस पूछताछ में इसका खुलासा हुआ। सूत्रों के अनुसार सट्टे के खेल में छात्रों को ज्यादा शामिल किया जा रहा है।
शहर के नुमाइश कैंप, पंत विहार, पुल खुमरान, जाफर नवाज, कोर्ट रोड, चंद्र नगर, झोट्टे वाला, गाड़ों का चौक, रायवाला, पुरानी मंडी ऐसे इलाके हैं, जहां इस खेल के माहिर (बुकी) अपना अड्डा जमाए हैं। इस खेल की भाषा भी अजीबो गरीब है।
सट्टा लगाने वाले व्यक्ति को लाइन कहा जाता है, जो एजेंट यानी पंटर के माध्यम से बुकी (डिब्बे) तक संपर्क करता है। एजेंट को एडवांस देकर अकाउंट खुलवाना पड़ता है, जिसकी एक लिमिट होती है। सट्टे के भाव को डिब्बे की आवाज बोला जाता है।
आईपीएल क्रिकेट में सट्टेबाज 20 ओवर को लंबी पारी, दस ओवर को सेशन और छह ओवर तक सट्टा लगाने को छोटी पारी खेलना कहते हैं। मैच की पहली गेंद से लेकर टीम के जीत तक भाव चढ़ते उतरते हैं।
एक लाख को एक पैसा, 50 हजार को अठन्नी, 25 हजार को चवन्नी कहा जाता है। यदि किसी ने दांव लगा दिया और वह कम करना चाहता है तो फोन कर एजेंट को ‘मैंने चवन्नी खा ली’ कहना होता है।
खास बात यह है कि यह पूरा नेटवर्क आधुनिक संचार प्रणाली लेपटॉप, मोबाइल, वॉइस रिकॉर्डर आदि पर ही चल रहा है। सावधानी इतनी बरती जाती है कि एक बार कोई मोबाइल नंबर यूज हो गया तो उसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता।
अकाउंट बनाने वाले प्रत्येक लाइन को एक नंबर प्रदान किया जाता है। उसी नंबर को बोल कर एजेंट से बात की जाती है। सहारनपुर में सट्टा नेटवर्क देहरादून से जुड़ा बताया जाता है। लेकिन अब तो यहां भी कई बुकी पैदा हो गये है।
इस अवैध धंधे की ग्राउंड लेवल पर जानकारी जुटाई जा रही है। कौन लोग इस काम को कर रहे हैं, उनके तार कहां-कहां तक जुड़े हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। क्रिकेट सट्टे में जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।
-विजय यादव, एसएसपी, सहारनपुर