- देवबंद से रुड़की रेलवे ट्रैक निर्माण पर 751 करोड़ की आएगी लागत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद(सहारनपुर)। देवबंद-रुड़की रेलवे लाइन पर प्रस्तावित बन्हेड़ा खास रेलवे स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से होगा। हालांकि अभी इसकी घोषणा नहीं हुई है।
दरअसल, देवबंद से रुड़की के बीच करीब 40 किमी लंबाई की रेल लाइन की परियोजना पर 751 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रेलवे लाइन के निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा रेलवे की अधिकांश जमीन को कब्जा मुक्त कराया जा चुका है। वहीं रेलवे भी लाइन और स्टेशनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने में जुट गया है। बन्हेड़ा खास गांव में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन बन रहा है, जिसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जा सकता है। बन्हेड़ा खास के ग्राम प्रधान राव शारिक ने कहा कि हमें खुशी है कि यहां बन रहे रेलवे स्टेशन का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा। इससे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास भी होगा।
देवबंद को जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक राव मुशर्रफ अली ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना संपूर्ण जीवन देश की सेवा में लगा दिया। विरोधी भी उनका सम्मान करते रहे हैं। बहुत ही गर्व की बात है कि एक महान व्यक्ति के नाम से रेलवे स्टेशन जाना जाएगा।
गौरलतब है कि कई वर्ष पूर्व बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी के नेतृत्व में दिवालहेड़ी, साल्हापुर, बास्तम, सुलतानपुर और देवबंद देहात समेत कई अन्य गांवों के प्रधानों और जिला पंचायत सदस्यों ने रेलवे स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा था। विकास त्यागी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन से रेलवे स्टेशन के नामकरण के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। रेलवे ने भी लगभग इस नाम को फाइनल कर दिया है, बस इसकी घोषणा होनी बाकी है।
--- स्टेशन के नाम को लेकर पहले हो चुका विवाद
देवबंद। बन्हेड़ा खास रेलवे स्टेशन के नाम को लेकर क्षेत्र में पहले काफी विवाद हुआ था। भाजपा सहित अन्य हिंदू संगठन रेलवे स्टेशन का नाम गांव माजरी के नाम पर कराना चाहते थे, जबकि बन्हेड़ा के वासी अपने गांव के नाम पर इस स्टेशन का नाम चाहते थे। अब सरकार और रेलवे ने एक नया रास्ता निकालकर स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने का फैसला लिया है। स्टेशन बनने से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा पहुंचा।
----- वर्जन
दिल्ली मंडल के मंडल रेल प्रबंधक डिंपी गर्ग का कहना है कि स्टेशन का नाम रखे जाने का अधिकार प्रदेश सरकार और गृह विभाग के अधिकार क्षेत्र में है।