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देवबंद: AIUDF के प्रमुख बदरुद्दीन बोले- सरकार की टारगेट करने वाली नीति से न घबराएं मुसलमान

Wed, 14 Sep 2022 09:58 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर

सार

बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि सरकार की टारगेट करने वाली नीति से मुसलमान बिल्कुल न घबराएं। जानिए उन्होंने और क्या-क्या कहा।
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एआईयूडीएफ के प्रमुख व सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख, असम के सांसद और दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने असम और उत्तर प्रदेश में मदरसों को निशाना बनाए जाने को लेकर सरकारों पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गरीब मुसलमान अपना पेट काटकर चंदा देकर मदरसों को चला रहा है। यह जनता की प्रॉपर्टी है। इसलिए इन्हें कोई हाथ न लगाए। मौलाना बदरुद्दीन ने मुसलमानों से आह्वान किया कि वह सरकार की टारगेट करने वाली नीति से जरा भी न घबराएं।  

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मजलिस-ए-शूरा की बैठक में शामिल होने पहुंचे मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने बातचीत में असम सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर मदरसों में कोई आतंकी पाया जाता है और उस पर दोष सिद्ध होता है तो बेशक उसको गोली मार दीजिए, लेकिन आप मदरसों को हाथ नहीं लगा सकते हैं। क्योंकि यह जनता की प्रॉपर्टी है। यदि जबरदस्ती की जाएगी तो इसके लिए हम संवैधानिक दायरे में जो भी जरूरी होगा वह करेंगे। मदरसों के संरक्षण के लिए हमें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा तो हम उससे भी पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री ने असम सरकार को बुलडोजर का रास्ता दिखाया है। जिस पर वह चल रही है, लेकिन हमें वहां के मुख्यमंत्री से कोई शिकायत नहीं है। शिकायत है तो वहां के डीसी और एसएसपी से। हम उनके खिलाफ हर स्तर पर उस समय तक लड़ाई लडे़ंगे, जब तक वह बर्खास्त होकर घर नहीं बैठ जाते। मौलाना अजमल ने कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ हम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। योगी सरकार द्वारा मदरसों के सर्वे कराए जाने पर मौलाना अजमल ने कहा कि मदरसा संचालकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि वह अपने दस्तावेज सहित सभी चीजों को दुरुस्त रखें। 

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दारुल उलूम का सम्मेलन वक्त की जरूरत
मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि मदरसा सर्वे के संबंध में दारुल उलूम में जो सम्मेलन बुलाया गया है वह वक्त की जरूरत है। इसका मकसद सामूहिक रूप से हिम्मत बंधाना है। इस सम्मेलन में जो भी लाइन ऑफ एक्शन जमीयत या दारुल उलूम देवबंद तैयार करे उस पर सभी को अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है ग्राउंड रियलिटी चेक करने के लिए ऐसी बैठकें होती रहें। सांसद ने कहा कि जिस तरह असम और यूपी में भाजपा सरकार मुसलमानों को टारगेट कर रही है, उससे हमें सरकार की नीयत पर शक है कि भविष्य में वह इस सर्वे का गलत इस्तेमाल करेगी।

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महागठबंधन हुआ तो देंगे समर्थन : बदरुद्दीन
राहुल गांधी की यात्रा के संबंध में मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि हम कांग्रेस के साथ नहीं हैं, लेकिन ऑल इंडिया लेवल पर अगर कोई महागठबंधन बनता है तो हम उस महागठबंधन का हिस्सा रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी और नीतीश कुमार जैसे विपक्षी नेता महागठबंधन बनाते हैं, उसमें वह किसी को भी नेता चुनें हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है। हम उस महागठबंधन का साथ देंगे। 
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