दारुल उलूम का सम्मेलन वक्त की जरूरत
मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि मदरसा सर्वे के संबंध में दारुल उलूम में जो सम्मेलन बुलाया गया है वह वक्त की जरूरत है। इसका मकसद सामूहिक रूप से हिम्मत बंधाना है। इस सम्मेलन में जो भी लाइन ऑफ एक्शन जमीयत या दारुल उलूम देवबंद तैयार करे उस पर सभी को अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है ग्राउंड रियलिटी चेक करने के लिए ऐसी बैठकें होती रहें। सांसद ने कहा कि जिस तरह असम और यूपी में भाजपा सरकार मुसलमानों को टारगेट कर रही है, उससे हमें सरकार की नीयत पर शक है कि भविष्य में वह इस सर्वे का गलत इस्तेमाल करेगी।
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महागठबंधन हुआ तो देंगे समर्थन : बदरुद्दीन
राहुल गांधी की यात्रा के संबंध में मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि हम कांग्रेस के साथ नहीं हैं, लेकिन ऑल इंडिया लेवल पर अगर कोई महागठबंधन बनता है तो हम उस महागठबंधन का हिस्सा रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी और नीतीश कुमार जैसे विपक्षी नेता महागठबंधन बनाते हैं, उसमें वह किसी को भी नेता चुनें हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है। हम उस महागठबंधन का साथ देंगे।