विद्यालयों में मंगलवार तक चलती रही तैयारी, शौचालय और पेयजल की व्यवस्थाएं दुरुस्त कीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। करीब 18 माह बाद एक से पांच की कक्षाओं का संचालन भौतिक रूप से आज से शुरू हो रहा है। बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों की सहमति जरूरी है। ऐसे में विभाग ने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बच्चों को विद्यालय बुलाने के लिए बाध्य ना किया जाए। जो बच्चे आना चाहें उनकी कक्षाएं संचालित की जाएं।
एक से पांच तक की कक्षाओं का संचालन फरवरी 2020 तक हुआ । इसके बाद कोरोना की पहली लहर आ गई थी। संपूर्ण लॉक डाउन और कोरोना संक्रमण होने से विद्यालयों को बंद किया था। केवल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया था। पहली लहर कमजोर पड़ने के बाद कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाओं का संचालन किया था, एक से पांच की कक्षाएं नहीं चली थी। दूसरी लहर में फिर से नौ से 12 की कक्षाएं बंद कर दी थीं। अब 24 अगस्त से नौ से 12 की कक्षाओं का संचालन शुरू किया। एक सितंबर यानी आज से एक से पांच की कक्षाएं भौतिक रूप से शुरू हो रही हैं। कक्षाओं के संचालन को लेकर विद्यालयों की तैयारी मंगलवार तक चलती रही। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर स्थित विद्यालय में मंगलवार को शौचालय और पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त की। परिसर में झुके पेड़ को काटा। अन्य विद्यालयों में भी यही स्थिति रही।
जनपद में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1438 है, इनमें एक लाख 83 हजार विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। इनमें करीब एक लाख 20 हजार विद्यार्थी कक्षा एक से पांच के हैं। सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों की संख्या 125 से अधिक है। इनमें भी प्री नर्सरी से कक्षा पांच तक के 50 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। मान्यता प्राप्त (हिंदी मीडियम) विद्यालय करीब पांच हजार हैं। इनमें तीन लाख से अधिक विद्यार्थी एक से पांच तक के पढ़ते हैं।
कोरोना से बचाव के होंगे इंतजाम
सभी विद्यालयों में कोरोना से बचाव के इंतजाम होंगे। विद्यालयों में विशेष रूप से साफ-सफाई के साथ ही बच्चों के हाथों को सैनिटाइज किया जाएगा। कोई भी विद्यार्थी और शिक्षक या स्टाफ का सदस्य बिना मास्क के विद्यालय में प्रवेश नहीं कर सकेगा। कक्षाओं में विद्यार्थियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना होगा।
एक सितंबर से एक से पांच की कक्षाओं का संचालन किया जाना है। इसके लिए विभाग और विद्यालय पूरी तरह तैयार हैं। विद्यालयों में शौचालय, पेयजल आदि की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करा लिया। - अंबरीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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एक से पांच तक की कक्षाओं का भौतिक रूप से संचालन एक सितंबर से शुरू होगा। शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह बच्चों को कक्षाओं में आने के लिए बाध्य न करें। बच्चों को कक्षाओं में बुलाने से पहले उनके अभिभावकों से सहमति जरूर ले लें। - योगराज सिंह, सहायक निदेशक, बेसिक शिक्षा।