अनियमितता का मामला रफा दफा करने वालों पर हो कार्रवाई
सहारनपुर। वाराणसी में मंडी परिषद के निर्माण कार्य में अनियमितता और धांधली के आरोप में दर्ज रिपोर्ट में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगाने और आरोपियों को लाभ पहुंचाने का आरोप भाजपा के पूर्व विधायक मोहर सिंह ने लगाया है।
सहारनपुर निवासी पूर्व विधायक मोहर सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रकरण की किसी उच्चाधिकारी से पुन: जांच कराने की मांग की है। पत्र में उन्होंने बताया कि मंडी परिषद के निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ी की जांच पूर्व में गठित जांच समिति द्वारा की जा चुकी है, जिसमें 2.73 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान करना सामने आया था। इस संबंध में 22 जनवरी 2020 को वाराणसी के कैंट थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। इस मामले के विवेचक की मांग पर निर्माण कार्यों की पैमाइश और गुणवत्ता की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनी। इस समिति ने जांच उपरांत अपनी रिपोर्ट में अनियमितता पाई थी।
आरोप है कि मंडी परिषद के निदेशक द्वारा दबाव बनाने की वजह से घोटाले को रफा दफा करने की साजिश रची गई और इसी उद्देश्य से पुन: जांच समिति बना दी। आरोप है कि इस जांच समिति ने अभिलेखों का परीक्षण और स्थलीय जांच किए बगैर ही आख्या भेज दी। उसी जांच आख्या को मंडी निदेशक ने कैंट थाना पर तैनात विवेचक को भेज दिया और इसके बाद पुलिस ने भी अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी। आरोप है कि ठेकेदार और अपने चहेते अधिकारियों को बचाने के लिए ऐसा किया गया है। पूर्व विधायक मोहर सिंह इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी शिकायतपत्र भेज चुके हैं।