सहारनपुर। ऑनलाइन, साइबर क्राइम या फिर एटीएम कार्ड बदलकर लोगों को निशाना बनाने की घटनाओं के अलावा शातिर अपराधियों ने ठगी का नया रास्ता निकाला है, जो पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। ऐसे में बैंकों से डाक के माध्यम से भेजे जाने वाले दस्तावेजों की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
नया खाता खुलवाने या फिर दोबारा चेकबुक लेने पर बैंक की ओर से डाक के जरिए खाताधारक के पते पर दस्तावेज भेजे जाते हैं, लेकिन शातिर अपराधी इस प्रक्रिया में सेंधमारी कर रहे हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस सक्रिय हो गई है। इसके तहत पुलिस द्वारा् बैंक व डाकघर के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। इसके साथ ही बैंक से डाक के माध्यम से दस्तावेजों को खाता धारक तक पहुंचाने वाले कर्मचारियों का ब्यौरा भी पुलिस अपने रिकार्ड में दर्ज करेगी। क्योंकि, शातिर अपराधी डाकिए और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से खाताधारकों को निशाना बना रहे हैं।
चेकबुक प्राप्त कर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर रहे ठगी
हाल ही में नवाबगंज निवासी उद्यमी तुषार अरोड़ा के खाते से 4.20 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। इस मामले में पुलिस ने रमन पुत्र देवीलाल निवासी पुरानी मंडी थाना कुतुबशेर, डाकिया अरूण पुत्र देवदत्त शर्मा निवासी गीतांजलि विहार और बैंक के लिए काम करने वालेसंदीप निवासी गलीरा रोड को पकड़ा था। मुख्य आरोपी रमन ने डाकिए अरूण से तुषार की चेकबुक प्राप्त कर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर 4.20 रुपये निकाले। इसमें संदीप का भी हाथ रहा। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार 1.20 लाख रुपये, चेकबुक और फर्जी हस्ताक्षर बनाए दस्तावेज भी बरामद किए थे। इन आरोपियों ने शहर के एक बड़े सराफा से भी इसी तरह ठगी करने की कोशिश की थी। इस मामले में बैंक के एक बड़ी अधिकारी का भी नाम सामने आया है, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस करेगी ब्यौरा दर्ज
एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि शातिर अपराधियों ने ठगी का नया रास्ता निकाला है। ऐसे अपराधियों पर अंकुश लगाने को पुलिस ने भी कार्य योजना तैयार कर ली है। खाताधारक के यहां बैंक के दस्तावेज पहुंचाने की प्रक्रिया में शामिल रहने वाले कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाएगा।