नानौता (सहारनपुर)। सोमवार की रात में खूंखार कुत्तों ने भेड़ के बाड़े में घुसकर काफी संख्या में भेड़ों को काटकर घायल कर दिया। कुत्तों के हमलों से बचने के लिए भेड़ एक दूसरे के ऊपर चढ़ गई। दम घुटने व कुत्तों के काटने से 52 भेड़ों की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक द्वारा भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। पुलिस की देखरेख में मृतक भेड़ों को दफनाया। भेड़ पालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
क्षेत्र के ग्राम इंद्रावली कल्याणपुर (हंगावली) निवासी प्रदीप व मोनू पुत्र रमेश तथा जगदीप पुत्र नथ्थन ने भेड़ पालन किया। भेड़ों को चराने के बाद सोमवार की शाम उनके द्वारा भेड़ों को बाड़े में बंद कर दिया। इसी बीच रात्रि में संदिग्ध परिस्थितियों में भेड़ों के बाड़े की रस्सी खुल गई, इसके चलते गांव के आस पास घूमने वाले खूंखार कुत्ते बाड़े में घुसे और भेड़ों व उनके बच्चों को काटकर घायल कर शिकार बनाने लगे। इससे भेड़ों में अफरा तफरी मच गई। अफरा तफरी के दौरान अपना बचाव कर भेड़ें एक दूसरे पर चढ़ने लगी। दहशत में आकर और घायल होने पर 43 भेड़ों व भेड़ों के 9 बच्चों की मौत हो गई। मंगलवार की सुबह भेड़ पालक जब बाड़े में पहुंचे तो वहां की हालत व मरी हुई भेड़ों को देखकर पैरों तले की जमीन खिसक गई। गमीनत यह रही कि खूंखार कुत्ते अंदर कमरे में बंधी 60 से अधिक बकरियों तक नही पहुंच पाए, नही तो और अधिक नुकसान हो सकता था।
पशु पालकों ने बताया मृतक भेड़ों की कीमत करीब सात लाख रुपये है। इसके बाद भेड़ पालकों द्वारा पुलिस व पशु चिकित्सक को घटना से अवगत कराया। इसके बाद मौके पर पहुंचे राजकीय पशु चिकित्सक सुनील कुमार तोमर द्वारा भेड़ों की जांच की। उन्होंने बताया भेड़ों की कुत्तों के काटने व दम घुटने से मौत हुई है। वही, भेड़ पालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की।