सहारनपुर। फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी बैंकों से 47 लाख रुपये का ऋण लेकर हड़पने वाले गिरोह के एक सदस्य को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के अन्य सदस्य फरार है। पुलिस ने आरोपी के खाते में चार लाख रुपये फ्रिज कराए हैं।
एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि कैनरा बैंक की विभिन्न शाखाओं से एक शातिर गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 47 लाख रुपये का ऋण पास कराकर पैसा हड़प लिया। बैंक के उच्चाधिकारियों द्वारा नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर उमेश रोरिया ने रविवार को पुलिस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर जोगियान पुल से रजत कुमार पुत्र क्रेशन गांव छपरेड़ी कोतवाली रामपुर मनिहारान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कैनरा बैंक की विभिन्न शाखाओं से फर्जी दस्तावेज के आधार पर 47 लाख रुपये का लोन लेकर हड़पना स्वीकार किया। आरोपी के गैंग में चार से पांच सदस्य शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी का पुलिस प्रयास कर रही है। आरोपी के खाते में चार लाख रुपये भी फ्रिज कराए गए गए हैं। बाकी पैसा फरार आरोपियों के पास बताया जा रहा है।
बन गया था निलय जैन, फोटो लगाई थी अपनी
आरोपी ने निलय जैन पुत्र लाला सुबोध निवासी हकीकतनगर के नाम से दस्तावेज तैयार कराए थे। आरोपी ने इसी नाम से आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड सहित अनेक दस्तावेज बनवाए, लेकिन सभी दस्तावेजों पर फोटो अपनी लगाई थी। इसी आधार पर पुलिस को आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली। इसी तरह आरोपी के साथियों ने अलग-अलग नामों से अपनी आईडी बनवाई है।
लोन पास करने वाले रडार पर, कई बैंकों को लगाई चपत
एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने कैनरा बैंक अलावा अन्य कई बैंकों को भी चपत लगाई है। रजत से पूछताछ में यह बातें सामने आई हैं, लेकिन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन पास करने वाले बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस मामले में बैंक कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करेगी।
ऐसे बनवाते थे फर्जी प्रमाण पत्र, फंसेगी सरकारी कर्मचारियों की गर्दन
आरोपी सरकारी कर्मचारियों से मिलीभगत कर पहले फर्जी आधार कार्ड बनवाते थे। आरोपी नाम पता किसी अन्य व्यक्ति के नाम से दर्ज कराते थे, लेकिन आधार कार्ड बनवाते हुए अंगुठे अपने ही लगाते थे। आधार कार्ड बनने के बाद आरोपी वोटर कार्ड, पैन कार्ड और बैंक में एकाउंट भी फर्जी नाम से ही खुलवाते थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इसमें जनसेवा केंद्र संचालकों और सरकारी कर्मचारियों की भी मिलीभगत रही है।
एक माह पहले पकडे़ गए थे छह शातिर
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन लेने वाला एक गैंग पुलिस ने एक माह पूर्व भी पकड़ा था, जिन्होंने सरकारी सहित निजी बैंकों से ऋण पास कराया था। इस मामले एक महिला सहित छह आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा था। आरोपियों ने कई बैंकों से पांच करोड़ तक के लोन पास कराए थे। इस मामले में कई बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध थी, जिनसे पुलिस ने कई बार पूछताछ की, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।