लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में आरक्षण प्रक्रिया बदलाव को लेकर आंदोलन में शामिल 22 छात्रों की जेल से रिहाई के मंसूबे पर फिलहाल पानी फिर गया है। पुलिस ने छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में कई संगीन धाराएं बढ़ा दी है।
पुलिस की अर्जी पर एसीजेएम प्रथम ने जेल पहुंचकर छात्रों का रिमांड किया। इन सभी की न्यायिक अभिरक्षा छह अगस्त तक के लिए बढ़ा गई है।
पुलिस ने छात्रों को 22 जुलाई की रात शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर नैनी जेल भेज दिया था। उनके साथियों को उम्मीद थी कि जमानती धारा होने के कारण अगले दिन ही सभी की रिहाई हो जाएगी।
इसे लेकर मंगलवार देर शाम तक अधिवक्ता और छात्र एडीएम सिटी कार्यालय पर डटे रहे। शाम तक जब जमानत मंजूर नहीं हुई तो वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया।
देर रात बताया गया कि 151 में जमानत दे दी गई है लेकिन जेल नियमों के कारण छात्रों को सुबह रिहा किया जाएगा। सुबह गिरफ्तार छात्रों के साथ उनके सहयोगी रिहाई का इंतजार करते रहे लेकिन हुआ उल्टा।
पुलिस की ओर से पहले से भेजे गए प्रार्थनापत्र पर एसीजेएम प्रथम मोहम्मद रिजवान अहमद रिमांड के लिए जेल पहुंच गए। कचहरी में जिला बार एसोसिएशन चुनाव के लिए वोट पड़ रहे थे।
इस कारण छात्रों को जेल से कचहरी लाकर अदालत में प्रस्तुत करने में व्यावहारिक कठिनाई थी। जेल में ही सभी का रिमांड बना।
पुलिस ने छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में आईपीसी की धारा 307, 353, 332, 336, 504,147,148,149,188, 427 और सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा कायम कर लिया है। इन धाराओं में सभी को छह अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल में रखने का आदेश दिया गया है।
गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे प्रतियोगी
लोक सेवा आयोग की ओर से आरक्षण प्रावधानों में बदलाव के खिलाफ आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों की रिहाई के लिए प्रतियोगी छात्र बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
प्रतियोगी छात्रों का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन ने छात्रों को गलत तरीके से मुकदमे में फंसाया है। प्रतियोगी छात्रों की बैठक में तय किया गया कि गिरफ्तार साथियों की रिहाई होने तक आंदोलन चलता रहेगा।
इस मुद्दे पर अनशन कर चुके राणा यशवंत प्रताप सिंह का कहना है कि छात्रों ने हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से संपर्क किया है। साथ ही पीसीएस साक्षात्कार पर लगी रोक को बरकरार रखने के लिए सुप्रीमकोर्ट में कैविएट दाखिल करने का भी फैसला किया।
उपद्रवी छात्रों पर रहम दिखाया तो नपेंगे पुलिसवाले
लोक सेवा आयोग में आरक्षण नियमों के बदलाव को लेकर शहर में बवाल और तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवी छात्रों की धरपकड़ और तेज कर दी गई है। सलोरी में तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले 14 और छात्रों की पहचान पुलिस ने कर ली है।
बुधवार को टीमों ने छात्रों की तलाश में दबिश दी लेकिन वह नहीं मिले। बुधवार को एसएसपी मोहित अग्रवाल ने पुलिस अफसरों को सख्ती का निर्देश दिया। सिपाही से लेकर अधिकारियों तक निर्देश दिया गया कि शहर का माहौल खराब करने वाले, तोड़फोड़ कर आतंक फैलाने वाले छात्रों को गिरफ्तार किया जाए।
एसएसपी ने पुलिसवालों को भी अल्टीमेटम दिया कि यदि उपद्रवी छात्रों पर नरमी दिखाई, स्थिति बिगड़ी तो लापरवाही में पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया जाएगा।