सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पार्टी पदाधिकारियों को चेताते हुए कहा कि आपस में खींचतान बंद कर दें, नहीं तो सभी को हटा दूंगा।
सपा मुखिया ने मिल रहीं शिकायतों पर कठोर कार्रवाई की बात कही। वह लोकसभा सीटों की पहले चरण की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
लगभग छह दिनों तक चली इस समीक्षा से निकले निष्कर्षों पर सपा नेता अब आगे की रणनीति बनाएंगे। इसके साथ ही आवश्यक कार्रवाई व फैसले होंगे।
समीक्षा का अंतिम दिन भी शिकवा और शिकायतों से बच नहीं पाया। खास बात यह है कि बुधवार को जिन सीटों की समीक्षा हुई, उसमें ज्यादातर पर सपा के ही सांसद है।
पर, इन सीटों में भी कुछ स्थानों को लेकर मुलायम के सामने खींचतान उजागर हुई। मुलायम ने पहले समझाया। फिर चेतावनी दी। एक जिले से यह तथ्य सामने आने पर कि जिले का एक पदाधिकारी पार्टी से निकाले जा चुके एक पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ मिलकर सपा को कमजोर कर रहा है।
वहां के लोगों ने मुलायम को बताया कि सपा से निकाले जा चुके एक पूर्व जिलाध्यक्ष सपा के कुछ लोगों के साथ मिलकर न सिर्फ संगठन को कमजोर कर रहे हैं बल्कि प्रत्याशी के लिए भी समस्याएं खड़ी कर रहे हैं।
मुलायम सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। आज जिन बची सीटों की समीक्षा हुई, उनमें वाराणसी, फतेहपुर, भदोही, मिर्जापुर, राबर्ट्सगंज, जौनपुर, चंदौली व मछलीशहर शामिल हैं। इनमें चार स्थानों पर इस समय सपा के ही सांसद हैं।
बसपा के कब्जे वाली सीटों पर विशेष नजर
समीक्षा के दौरान मुलायम ने बसपा के कब्जे वाली सीटों भदोही व जौनपुर के बारे में विशेषतौर से जानकारी ली। दरअसल, विधानसभा चुनाव में सपा के लिए इन दोनों सीटों पर उम्मीद जगी है। जौनपुर में इस समय बसपा के धनंजय सिंह सांसद हैं।
पर, विधानसभा चुनाव में इस संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली विधानसभा की पांच सीटों में तीन पर सपा ने कब्जा किया है। इसी तरह भदोही से इस समय बसपा के गोरखनाथ पाण्डेय सांसद हैं। पर, विधानसभा चुनाव में इस संसदीय सीट के तहत आने वाली विधानसभा की सभी सीटें सपा की झोली में गई हैं।
क्षेत्र के विधायकों पर जिम्मेदारी
मुलायम ने पहले की बैठकों की तरह बुधवार को भी सभी जगह के विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र से सपा प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी सौंपी। पर, भदोही और जौनपुर से जीते विधायकों को विशेषतौर से यह निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में दोनों जगह जो स्थिति सामने आई है, उसके मद्देनजर लोकसभा के अगले चुनाव में दोनों ही स्थानों पर सपा के लिए लोकसभा चुनाव जीतना बहुत मुश्किल नहीं है। इसलिए प्रत्येक विधायक अपने-अपने क्षेत्र में सब कुछ भूलकर सपा को जिताने के लिए जुटे।
अब शुरू होंगे फैसले
समीक्षा का दौर पूरा होने जाने के बाद अब फैसलों का सिलसिला शुरू होने के संकेत हैं। समीक्षा के निष्कर्षों के आधार पर पार्टी मुखिया अब संगठन के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद जहां जैसी आवश्यकता नजर आई, उसके मुताबिक फैसले किए जाएंगे।
सपा प्रदेश कार्यसमिति की 31 को बैठक
समाजवादी पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 31 जुलाई को यहां पार्टी मुख्यालय पर होगी। इसमें लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव संबोधित करेंगे।
राज्य कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों, विशेष आमंत्रित सदस्यों को बैठक में बुलाया गया है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। पता चला है कि कार्यकारिणी के बैठक से पहले संगठन के कुछ अन्य फोरम की बैठकें हो सकती हैं।