फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला कारागार में गूंज रहे गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र के पाठ

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। जिला कारागार में बंदियों में आध्यात्म के सहारे बुरे कामों से दूरी बनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए अब सुबह प्रार्थना स्थल पर गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप कराया जा रहा है। इसके साथ ही बंदी हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ भी कर रहे हैं। जिला कारागार में ये कार्य शासन के आदेशों के बाद शुरू किया गया है।
विज्ञापन

हत्या, लूट, चोरी आदि जैसे अपराधों में संलिप्तता के कारण जेल में बंद कैदी-बंदी जीवन जीने का तरीका सीख रहे हैं। मंत्र, श्लोक और योग प्राणायाम के माध्यम से उनकी मानसिक स्थिति को सुधारने की कवायद की जा रही है। रोजाना सुबह-शाम जेल में गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का जाप हो रहा है। तो वहीं, मंगलवार को सुंदर कांड और हनुमान चालीसा भी पढ़ाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे बंदियों में सद्विचार आएगा और वह अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्य में लगा सकेंगे। जिला कारागार में इस समय करीब 12 सौ बंदी- कैदी है। जिनपर हत्या, लूट, तस्करी आदि जैसी वारदातों में शामिल होने का आरोप है। विभिन्न कारणों से अपराध का दामन थामने वाले बंदी-कैदी ऐसे भी हैं जो जेल की सलाखों में आने के बाद अपने किए का पश्चाताप का कर रहे हैं और अपने और परिवार के बारे में सोच कर वह तनाव में रहे हैं। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए जेल प्रशासन कई गतिविधियों का संचालन कर रहा है। बंदियों-कैदियों को खेलकूद से जोड़ा गया है, तो योग प्राणायाम की क्रिया भी कराई जा रही है। अब नियमित रूप से गायत्री मंत्र में महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप शुरू हुआ है। रोजाना सुबह और शाम एक-एक घंटे तक यह मंत्र जेल की दीवारों के अंदर गूंजते रहते हैं।
कई कैदी- बंदी समूह में भी अलग से ध्यानमग्न होकर इसका जाप करते है। जेल प्रशासन का मानना है कि इन गतिविधियों से जुड़ने के बाद बंदियों के व्यवहार में काफी बदलाव आया है वह अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने लगे हैं और जेल से बाहर जाने के बाद भी ऐसी ही कार्यों से जोड़ने का संकल्प ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------------------------------
बयान
- शासन के आदेश के बाद अब जिला कारागार में महामृत्युंजय मंत्र और गायत्री मंत्र का जाप शुरु हुआ है।
- प्रशांत मौर्ये, जेल अधीक्षक, जिला कारागार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें