रामपुर। विश्व हिंदूू परिषद ने बंगलादेश में धर्म विशेष के धर्मस्थलों पर किए गए हमलों की निंदा की है। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर लोगों की रक्षा के लिए सरकार से नीति बनाने की मांग की है।
मंगलवार को संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल वशिष्ठ के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में एकत्र हुए और डीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा है कि धर्म विशेष को लोगों पर बंगलादेश और अफगानिस्तान में हमले हो रहे हैं। दशकों से बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान में चरमपंथी लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। बांग्लादेश सरकार, संयुक्त राष्ट्र संघ, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन में से किसी ने भी लोगों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में आवाज नहीं उठाई है। जिससे धर्म विशेष के लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में विरोध दर्ज कराए और पड़ोसी देशों में लोगों की सुरक्षा नीति तैयार कराकर सुरक्षा सुनिश्चित कराए। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष अनिल वशिष्ठ, संजीव जैन, लालता प्रसाद, रामभरोसे लाल, शेर सिंह सागर, ज्वर सिंह सागर, जोगेंद्र यादव, अनमोल सक्सेना, दिनेश सागर, राम सरन देवल समेत अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर हैं।
बंगलादेश और पाकिस्तान के विरोध में सौंपा ज्ञापन
मिलक। विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में धर्म विशेष के लोगों का उत्पीड़न करने के विरोध में प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम के जरिए भेजा।
नगर में निरीक्षण भवन के पास विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश और पाकिस्तान के विरोध में नारे लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारी जुलूस के रूप में तहसील पहुंचे। यहां मांग करने वालों में विहिप के नगराध्यक्ष प्रिंस गुप्ता, बजरंग दल के मुकेश पटेल, अमृत गौड़, अवधेश गंगवार, विकास रुहेला, सुबोध पांडेय, अखिल पांडेय, वीर पाल, धर्मेंद्र गंगवार आदि रहे। संवाद