रामपुर। टीकाकरण मजबूरी नहीं जरूरी है। कोरोना संक्रमण की इस लहर के आंकड़े भी यही बयां करते हैं। इस लहर में अब तक जान गंवाने वाले पांच संक्रमितों में से चार संक्रमितों को कोरोना से बचाव का टीका नहीं लगा था। एक पॉजिटिव मरीज ने ही दोनों डोज ली थी।
इस लहर में सोमवार तक जिले में 2960 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इसमें इलाज के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की केस हिस्ट्री तैयार की है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोरोना संक्रमण से प्राण गंवाने वाले चार मरीजों ने वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली थी। जबकि, एक संक्रमित ने दोनों डोज ली थी। वहीं, इस लहर में बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज घर पर रहकर ही ठीक हो गए और सिर्फ 22 संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा जिसकी वजह अधिकतर लोगों द्वारा वैक्सीन की डोज लेना माना जा रहा है। दूसरी लहर तक टीकाकरण अधिक लोगों का न होने के कारण पहली दो लहरों में जिले में 148 संक्रमितों की मौत हुई थी तो करीब 11 हजार संक्रमित पाए गए थे। जबकि इस लहर में अधिकतर लोगों का टीकाकरण हो जाने के कारण सोमवार तक कुल 2960 मामले सामने आने के बाद भी सिर्फ 22 संक्रमितों को भर्ती होना पड़ा और पांच संक्रमितों की मौत हुई। जिससे साफ जाहिर है कि टीकाकरण ने कोरोना संक्रमण के असर को कम किया। डोज लेने के बाद लोग अगर संक्रमण की चपेट में आए भी तो जल्द और आसानी से रिकवर हो गए।