रामपुर। जिले में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिले के 100 गांवों में मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को सर्वे कराया जा रहा है। ये 100 गांव वो गांव हैं जिनमें पिछले साल डेंगू-मलेरिया के अधिक मामले सामने आए थे। इन गांवों को मलेरिया विभाग ने अति संवेदनशील की श्रेणी में रखकर विशेष निगरानी शुरू की है।
गर्मी शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मच्छरों का प्रकोप होने के कारण डेंगू, मलेरिया और मच्छर जनित रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसको लेकर ही स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। इस दौरान जिले के अतिसंवेदनशील गांव का निरीक्षण कर उनमें साफ सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए मलेरिया निरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है जो गांव में जाकर टीम के साथ लार्वा की तलाश कर रहे हैं और लोगों को डेंगू मलेरिया के बचाव की जानकारी दे रहे हैं। इसके तहत मलेरिया विभाग के निरीक्षक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ चिह्नित गांव में पहुंचकर छतों पर पड़े टायर, पौधों के गमलों व गड्ढों में जलभराव की जांच कर वहां मच्छरों के लार्वा ढूंढ रहे हैं।