रामपुर। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप एक जनवरी 2022 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने के लिए एक नवंबर से प्रारंभ होने वाले मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूचियों में नए मतदाताओं को जोड़ने तथा सिफ्टेड और मृतक मतदाताओं का नाम सूची से हटाने के संबंध में व्यापक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। विभिन्न राजनीतिक दल भी निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप निर्धारित आयु वर्ग के प्रत्येक नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने में अपनी सहयोगात्मक भूमिका निभाएं, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जनपद में 2058 मतदेय स्थल और 1123 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
कहा कि यदि मतदेय स्थल या मतदान केंद्रों पर आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार कोई कमी दिखाई देती है तो राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी अवगत कराएं, ताकि समय से उन कमियों को दूर कराया जा सके। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि बीएलओ के स्तर से नए नामों को सूची में सम्मिलित करने तथा मृतक मतदाताओं का नाम सूची से हटाने में लापरवाही की जाती है, जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे बीएलओ को चिह्नित कराया जाएगा।
बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक से 30 नवंबर तक विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलेगा तथा दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी, जिसमें बीएलओ घर-घर जाकर नए मतदाताओं की पहचान करके उनका नाम सूची में सम्मिलित कराने की कार्यवाही करेंगे। सात नवंबर, 13 नवंबर, 21 नवंबर और 28 नवंबर को मतदाता पुनरीक्षण के अंतर्गत विशेष अभियान चलेंगे।
20 दिसंबर को सभी दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा तथा पांच जनवरी 2022 को मतदाता सूची का अंतिम रूप से प्रकाशन होगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. वैभव शर्मा, उप जिलाधिकारी सदर मनीष मीणा, उप जिलाधिकारी बिलासपुर अशोक चौधरी, डिफ्टी कलेक्टर निधि डोडवाल, एडीईओ राजेश सिंह के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।