रामपुर। निजीकरण के विरोध में सोमवार को बैंक कर्मियों ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। हालांकि, अधिकांश बैंकों में कामकाज होता रहा, जिस कारण हड़ताल का उतना असर नहीं रहा। वहीं, निजी बैंकों में हड़ताल प्रभावी नहीं रही। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा।
सोमवर को यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारी सिविल लाइंस स्थित इंडियन बैंक की शाखा पर एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष जगमोहन अग्रवाल ने कहा कि कामगारों के राष्ट्रीय सम्मेलन के निर्णय के समर्थन में केंद्रीय श्रम संगठन के आहवान पर बैंकों की हड़ताल की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी समुचित कारण के कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बैंकों का निजीकरण करना चाहती है। सरकार ने कर्मचारियों पर जबरन नई पेंशन स्कीम लागू की है। कर्मचारी सरकार की इन्हीं नीतियों के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने दावा किया हड़ताल की वजह से करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। एलआईसी के मंडलीय सचिव हरि सिंह सागर ने कहा कि एलआईसी हमेशा लाभ कमाने वाली संस्था रही है। आज भी जनता का सर्वाधिक विश्वास एलआईसी पर है। लेकिन, अब सरकार एलआईसी को भी निजी हाथों में सौंपना चाहती है। जिसका विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर हरी बाबू पाल, दीपक कुमार, हर्षित गुप्ता, राहुल गुप्ता, प्रमोद कुमार, महेंद्र सिंह, भगवान दास, कमलेश नेगी, हेमंत कुमार, अभय कुमार, रहमान अंसारी, यूसी शर्मा, सलीम जहां, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।