सांसद रहते हुए आजम खां ने रामपुर की शहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वह दो साल से अधिक समय से सीतापुर जेल में बंद हैं। जेल प्रशासन ने नवनिर्वाचित विधायक के रूप में शपथ लेने की प्रक्रिया को पूरा कराने को लेकर रामपुर कोर्ट से अनुमति मांगी है। पत्र की कॉपी एमपी-एमएलए कोर्ट में मजिस्ट्रेट ट्रायल में दाखिल हो चुकी है।
सीतापुर जेल प्रशासन ने नवनिर्वाचित विधायक आजम खां की शपथ लेने की प्रक्रिया के लिए कोर्ट को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। जेल प्रशासन के पत्र को कोर्ट ने पत्रावली पर रखने के आदेश दिए हैं।
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सपा के कद्दावर नेता आजम खां दो साल से अधिक समय से सीतापुर जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ रामपुर के विभिन्न थानों में 87 मुकदमे दर्ज हैं। जो कि रामपुर के अलग-अलग न्यायालयों में विचाराधीन हैं। उनकी शत्रु संपत्ति के मामले में जमानत होना शेष है। बाकि, सभी मामलों में उनकी जमानत कोर्ट से मंजूर हो चुकी है। उन्होंने जेल से ही रामपुर के सांसद रहते हुए शहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। जिसके बाद आजम खां ने संसद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया और विधायक रहने का फैसला किया।
नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा में विधायकों की शपथ ग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच सीतापुर जेल प्रशासन ने आजम खां को विधानसभा में उपस्थित होकर शपथ ग्रहण करने के लिए अनुमति देने के संबंध में रामपुर कोर्ट को पत्र लिखा है। पत्र की कॉपी एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में दाखिल हो चुकी है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पत्र को पत्रावली पर रखने के आदेश दिए हैं।