रामपुर। श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ समिति की ओर से चल रही श्रीमद्भागवत में इस्कान वृंदावन से पधारे पुरुषोत्तम प्रभु जी महाराज ने कहा कि किसी वस्तु का भगवान को भोग लगाने के बाद ग्र्रहण करने से उस वस्तु के दोष दूर हो जाते हैं। ऐसी वस्तु निर्दोष हो जाती है।
फ्रेंडस कालोनी में चल रही कथा के चौथे दिन शुक्रवार को कथावाचक पुरुषोत्तम प्रभु ने कहा कि इस दुनिया में कोई भी वस्तु ऐसी नहीं है, जिसमें दोष नहीं हैं। उन्हीं वस्तुओं को जब मनुष्य ग्रहण करता है तो सभी दोष मनुष्य को लग जाते हैं। कथावाचक ने आगे कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते समय माया मोह से दूर रहकर केवल प्रभु को स्मरण ही करना चाहिए। प्रभु का स्मरण भी इस अघोर कलियुग में मनुष्य को भव सागर से पार लगा सकता है। इस दौरान भारत भूषण गुप्ता, नवनीत शर्मा, गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव, अनुज श्रीवास्तव, राधेश्याम यादव, रुपाली श्रीवास्तव, मधु सक्सेना, पूनम सक्सेना, किशोर सक्सेना, डॉली सक्सेना, राकेश विश्वकर्मा, श्रेयश मुकेश गुप्ता, जितेंद्र सक्सेना, विनय कश्यप, दिनेश कुमार, इंद्रवती, नरेश चंद्र शर्मा, स्वाति श्रीवास्तव, प्रीति भटनागरआदि मौजूद रहे।