आलियागंज बवाल के आरोपी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम को आचार संहिता के उल्लंघन के एक मामले में कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने उनको साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। पुलिस ने उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया।
वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में हाफिज अब्दुल सलाम मिलक-बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे। इस दौरान उनके खिलाफ केमरी थाने में आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने निर्धारित समय के बाद भी अपनी सभा को जारी रखा।
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मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट में यह मामला विचाराधीन चल रहा था। इस केस का अब निपटारा कर दिया गया है। कोर्ट ने बुधवार को मुकदमे का फैसला सुनाया। इस दौरान अभियोजन की ओर से मुकदमे के वादी एसआई लखपत सिंह समेत पांच गवाहों को पेश किया गया।
साथ ही आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की,जबकि बचाव के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अभियोजन की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयानों में विरोधाभास है और अभियोजन पक्ष अपना केस साबित कर पाने में नाकाम रहा है। लिहाजा आरोपी को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमार सिंह ने अब्दुल सलाम को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।