रामपुर। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमण के लिए सबसे सटीक और विश्वसनीय माने जाने वाली आरटीपीसीआर जांच की लैब का उद्घाटन तो हो गया लेकिन, आशंकितों को जांच के लिए अभी सप्ताह भर तक और इंतजार करना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि, जांच के लिए लैब कर्मियों को बरेली में सप्ताह भर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के बाद ही लैब में आरटीपीसीआर जांच शुरू हो सकेगी।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच जिले में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। जिले में ऑक्सीजन से लेकर बेड की किल्लत न हो इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। जिला अस्पताल और बिलासपुर सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुके हैं। वहीं महिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों के उपचार के लिए पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू वार्ड) बनाने के साथ ही मॉक ड्रिल के माध्यम से कर्मियों को लगातार अपडेट भी किया जा रहा है। इसके साथ ही उपचार से पहले कोरोना संक्रमण की जांच में समय न लगे इसके लिए आरटीपीसीआर जांच की सुविधा रामपुर जिला अस्पताल में ही उपलब्ध कराते हुए बीएसएल-टू लैब का उद्घाटन रविवार को किया गया। लैब संचालन के लिए दो नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, तीन लैब टेक्नीशियन एवं एक डाटा इंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई है। लेकिन, लैब के उद्घाटन के दो दिन बाद भी लैब में जांच शुरू नहीं हो सकी है। जिस कारण अभी भी सैंपल बाहर भेजे जा रहे हैं। ऐसा लैब कर्मियों को अभी तक प्रशिक्षण न मिलना है। कर्मियों का ये प्रशिक्षण बरेली में होगा।