रामपुर। सार्वजनिक शौचालयों में ताले लटके मिले तो संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव के वेतन से वसूली होगी। साथ ही शौचालय संचालन के लिए नामित स्वयं सहायता समूह को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। इस बाबत जिला पंचायत राज अधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत सरकार की ओर से गांवों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। व्यक्तिगत शौचालय बनाने के साथ ही अब सरकार ने गांवों में सार्वजनिक शौचालय भी बनवा दिए हैं। जिले में 680 में से 581 शौचालयों का निर्माण पूरा हो गया है। इन शौचालयों के संचालन का जिम्मा स्वयं सहायता समूहों को दिया गया है। किन्तु, इसके बाद भी ग्रामीण इलाकों में बने सार्वजनिक शौचालयों में ताले लटके देखे जा सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को दिक्कत होती है। अमर उजाला ने जब पड़ताल की, तो तमाम शौचालय बंद मिले। जिस पर अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ 19 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित किया।
जिसके बाद जिला पंचायत राज अधिकारी दुर्गा प्रसाद तिवारी ने मंगलवार को सभी ग्राम पंचायत सचिवों को आदेश जारी कर दिए कि यदि सार्वजनिक शौचालयों में ताले लटके मिले, तो संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव के वेतन से स्वयं सहायता समूह को दी जाने वाली एक माह की धनराशि वसूल की जाएगी। साथ ही नामित स्वयं सहायता समूह को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद दूसरे स्वयं सहायता समूह को शौचालय संचालन के लिए नामित कर दिया जाएगा।