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पहली और दूसरी लहर के मुकाबले संसाधनों में इजाफा तो टीकाकरण ने दिया सुरक्षा कवच

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रामपुर। कोरोना संक्रमण की पहली लहर के बाद दूसरी और तीसरी लहर भी गुजर गई। पहली लहर के दौरान कोरोना के इलाज और बचाव को लेकर वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। दूसरी लहर में वैक्सीनेशन शुरू हो चुका था तो इस दौरान ऑक्सीजन की किल्लत सामने आई। लेकिन, तीसरी लहर आते ही संसाधनों में कई गुना इजाफा हुआ है। बेड, ऑक्सीजन प्लांट, आरटीपीसीआर लैब सहित अन्य संसाधनों में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बड़ी आबादी का टीकाकरण भी हो चुका है। ऐसे में तीसरी लहर का असर अधिक नहीं देखा गया।
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दूसरी लहर के दौरान संक्रमितों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे थे। ऑक्सीजन की भारी किल्लत थी। अब जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण का जल्द पता लगाकर संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब भी स्थापित हो गई। वहीं, प्रशिक्षित स्टाफ होने के साथ ही टीकाकरण भी तेज गति से हो रहा है। वहीं, पहली लहर के दौरान कोरोना से निपटने के संसाधन शून्य थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं है। जिले में अब संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीके का सुरक्षा कवच भी दिया गया है। जिसमें करीब 17 लाख लोग पहली डोज ले चुके हैं। इतना ही नहीं समय-समय पर अस्पतालों में मॉक ड्रिल भी की जा रही है।
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