बिना सिंबल नामांकन किया तो होना ही था खारिज
नामांकन खारिज होने के बाद आसिम राजा ने कहा कि सिंबल नहीं था तो नामांकन खारिज होना था। हमारा आगे का क्या स्टेप रहेगा ये आने वाला समय बताएगा। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और सपा नेता अब्दुल सलाम का नाम भी प्रत्याशी के तौर पर चलता रहा।
मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी के नामांकन के बाद रामपुर के एक होटल में वो नामांकन के अंतिम समय तक सिंबल के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशों का पालन करते हुए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने मौलाना नदवी को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
लोकसभा चुनाव में आजम खां के खेमे से कोई प्रत्याशी नहीं रहेगा। ऐसे में आजम खां और उनके समर्थक क्या स्टैंड लेंगे ये चुनाव के दौरान ही पता चलेगा।
समय आने पर बता देंगे कि आगे क्या करना है। सिंबल नहीं था तो नामांकन खारिज होना ही था। - आसिम राजा, सपा नेता
मौलाना मोहिबुल्लाह को टिकट देने पर जताई खुशी
सपा नेता आजम खां के विरोधी मशकूर अहमद मुन्ना ने मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी के रामपुर सीट से सपा प्रत्याशी बनाने पर खुशी जताई है। मशकूर मुन्ना ने कहा कि रामपुर सीट पर दो लाख वोट तुर्क बिरादरी का है, ऐसे में तुर्क बिरादरी का प्रत्याशी घोषित कर सपा ने अच्छा कदम उठाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में सपा के जिले के नेता भाजपा की बी-टीम बनकर काम कर रहे हैं। प्रेसवार्ता करते हुए पदाधिकारियों ने चुनाव का बहिष्कार किया है, उससे पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है। इन लोगों पर पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए।