भोट थाना परिसर में 13 फीट लंबा विशालकाय अजगर दिखाई देने पर पुलिस कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। थानाध्यक्ष की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर अजगर को पीपली वन में छोड़ दिया। सोमवार की रात करीब आठ बजे थाना परिसर में विशालकाय अजगर दिखाई देने पर पुलिसकर्मी सकते में आ गए।
बताया जा रहा है कि देर शाम पुलिस कर्मी खाना खाकर गश्त के लिए निकल रहे थे। इसी दौरान थाना परिसर में अचानक तकरीबन 13 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया। अजगर दिखाई देने की सूचना पर थाने में मौजूद अन्य पुलिस कर्मी व आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
भीड़ को देख अजगर थाना परिसर से बाहर हाईवे किनारे बने गड्ढे पर पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी गश्त पर निकली थानाध्यक्ष निशा खटाना को दी। सूचना पर वन विभाग के कर्मी सजन बहादुर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए व कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को कब्जे में कर बोरे में बंद कर लिया।
वन विभाग की टीम ने अजगर को बोरे में बंद किए जाने के बाद ही पुलिस कर्मियों ने राहत महसूस की। थानाध्यक्ष निशा खटानी ने बताया कि थाने के समीप ही पीलाखार नदी व जंगल होने के कारण सोमवार शाम को एक अजगर भटक कर थाना परिसर में पहुंच गया था।
सूचना पर वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर अजगर को जंगल छोड़ दिया है। विशालकाय अजगर के थाना परिसर में घुसने की सूचना पर तमाम ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए व स्थानीय स्तर पर सांप पकड़ने वाले लोगों को भी बुलाया गया। विशालकाय अजगर को देख कर सांप पकड़ने वालों के भी होश उड़ गए और उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए।
इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को बताया गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर अजगर को रेस्क्यू किया और पीपल वन में छोड़ दिया। वन विभाग के एक्सपर्ट सजन बहादुर सिंह ने बताया रेस्क्यू किए गए अजगर की उम्र करीब दो वर्ष तथा लंबाई करीब 13 फीट और वजन करीब बीस किलो है।
अक्सर अजगर बारिश के दौरान भटककर भोजन की तलाश में जंगलों से आबादी क्षेत्र में आ जाते हैं। यहां पर भी पूर्व में पीलाखार नदी में आयी बाढ़ में बह कर आ गया होगा। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा अजगर जहरीले नहीं होते हैं।
वह छोटे जानवरों को ही निशाना बनाते हैं। उन्होंने लोगों से अजगर व किसी भी तरह का सांप दिखाई देने उस पर हमला नहीं करने और सूचना वन विभाग को देने की अपील की।