रामपुर। रामपुर शहर में इस बार कार्यकाल शुरू होने से अब तक विकास कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। कारण यह है कि सभी सभासदों से अपने वार्ड के प्रमुख कार्यों की सूची मांगी गई थी। जिनको भेज भी दिया गया था। इसके बाद बोर्ड बैठक रखी जानी थी। लेकिन आलम यह है कि तीन माह गुजर जाने के बाद भी अब तक बोर्ड बैठक करने का निर्णय नहीं लिया जा सका। ऐसे में दो अरब का बजट पड़ा हुआ है। जिससे सभासद वार्डों में काम नहीं करा पा रहे हैं।
रामपुर शहर में करीब साढ़े चार लाख की आबादी हैं और यहां पर 43 वार्ड हैं। इन वार्डों के विकास के लिए तीन माह पहले बोर्ड बैठक की गई थी। जिसमें सभी सभासदों को बुलाया गया था और उनके सामने दो अरब का बजट पास किया गया था। इस दौरान उनको अपने वार्डों के प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया था। वार्डों के प्रस्ताव सभासदों ने भेज दिए थे, लेकिन उसके बाद से बोर्ड बैठक न होने पर सभासदों को परेशानी शुरू हो गई है। दरअसल, वार्डों का विकास रुका हुआ है और अभी तक दूसरी बोर्ड बैठक नहीं हो सकी है कि प्रस्तावों पर मुहर लगकर काम हो सके। यही वजह है कि तीन माह गुजर जाने के बाद भी अभी शहर में विकास के नाम पर कुछ नहीं हो सका।इसमें प्रमुख रूप से बापू मॉल पर काम होना था, जिसमें बिजली कनेक्शन के साथ इसका बेहतर संचालन कराना था। इस बजट से शहर की सड़कों, खड़ंजों, फाउंटेन, पानी व्यवस्था और कचरा व्यवस्था पर काम होना था। पिछले तीन माह से इन सभी पर काम शुरू नहीं हो सका है।