इसके चलते टीम के चार सदस्य रामपुर ही रुक गए जबकि ज्वाइंट डायरेक्टर अमित मिश्रा बुधवार देर रात को ही रामपुर से चले गए थे। इसके बाद गुरुवार को एक बार फिर ईडी की टीम ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीम ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों से जमीनों की पैमाइश व हदबंदी कराई। यह काम शाम को करीब चार बजे तक चला, जिसके बाद टीम वापस रवाना हो गई।
जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी पैसे से काम कराने वाले विभागों के अफसरों से भी ली जानकारी
सपा नेता आजम खां को लेकर दर्ज मामले की जांच करने आई ईडी के रडार पर विभिन्न विभागों के अधिकारी भी रहे। टीम ने जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी पैसे काम कराने वाले विभागों से जानकारी ली। अफसरों ने तत्कालीन सरकार की ओर से जारी शासनादेश और तत्कालीन कैबिनेट के पास प्रस्तावों के दस्तावेज दिखाए। इनमें से कुछ विभाग से ईडी ने दस्तावेज भी लिए, जिसके बाद टीम लखनऊ रवाना हो गई।
सपा नेता आजम खां की मुश्किलें कम नहीं हो पा रही हैं। वहीं, अब ईडी ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। दरअसल, अगस्त 2019 प्रवर्तन निदेशालय ने आजम खां के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसकी जांच अब जाकर तेज हो गई है। दो दिन टीम ने रामपुर में रहकर जांच की। पहले दिन और दूसरे दिन जमीनों की पैमाइश कराने के साथ ही विभिन्न मामलों की जांच की।
वहीं, गुरुवार को टीम ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते विभिन्न विभागों के अधिकारियों को तलब कर लिया। इनमें उन विभाग के अधिकारी शामिल थे, जिन विभागों की तरफ से जौहर यूनिवर्सिटी में सपा सरकार के दौरान विभिन्न कार्य कराए गए थे। मसलन, जल निगम, सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज), लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग आदि शामिल हैं।
टीम ने कार्य कराने के आधार के बारे में जानकारी ली, जिस पर कुछ अफसरों ने अपने-अपने विभाग के कार्यों के बारे में बताया कि सभी कार्य सरकार की मंजूरी के बाद ही कराए गए हैं। अधिकारियों ने तत्कालीन सपा सरकार में पास हुए कार्यों की मंजूरी, कैबिनेट में पास हुए प्रस्ताव आदि दिखाए। ईडी ने कुछ विभागों से संबंधित कार्यों के दस्तावेज भी तलब कर लिए।