छह मई को आजम खां के अधिवक्ता ने एमपी-एमएलए कोर्ट में थाना कोतवाली में दर्ज यतीमखाना प्रकरण के 12 मुकदमों को एक ही मुकदमे में समायोजित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बचाव पक्ष के प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की।
उनका कहना है कि मुकदमे के वादी और घटना स्थल अलग-अलग हैं। लिहाजा, प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी।