रामपुर। राजा दशरथ के यहां ऋषि विश्वामित्र का आगमन हुआ। उन्होंने वन में राक्षसों से ऋषि मुनियों की रक्षा के लिए श्रीराम और लक्ष्मण को मांग लिया। पहले तो राजा दशरथ राम और लक्ष्मण को वन भेजने को राजी नहीं हुए लेकिन, बाद में विश्वामित्र की जिद के आगे उन्होंने राम और लक्ष्मण को गुरू विश्वामित्र के साथ वन भेज दिया। वन में श्रीराम ने ताड़का वध कर ऋषि मुनियों की रक्षा की। मारीच और सुबाहु का अंत कर ऋषि मुनियों को राक्षसों के अत्याचार से मुक्ति दिलाई। आधी रात तक दर्शक श्रीरामलीला मंचन का आनंद लेते रहे।
रविवार को कोसी मार्ग स्थित रामलीला मैदान पर अतिथियों एसके गुप्ता, राजीव सिंघल सर्राफ, मुकुल अग्रवाल और सभासद दिनेश रस्तोगी ने रामलीला मंचन का उद्घाटन किया। व्यास राधा रमण के नेतृत्व में श्रीबृज रासलीला और रामलीला मंडल वृंदावन के कलाकारों ने विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध और मारीच सुबाहु वध का मंचन किया। कमेटी अध्यक्ष विष्णु सरन अग्रवाल, सह अध्यक्ष सुनील कुमार गोयल, महामंत्री वीरेंद्र कुमार गर्ग, हरीश चंद्र अग्रवाल ठेकेदार, सुदर्शन लाल गुप्ता, दिनेश कुमार अग्रवाल, ईश्वर शरण अग्रवाल, विनोद कुमार गुप्ता, वेदप्रकाश वर्मा, निर्भय कुमार गर्ग आदि मौजूद रहे।