भोट (रामपुर)।केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के विरोध में टोल प्लाजा पर बेमियादी धरने पर बैठे किसानों ने केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों के दबाव में किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने किसान महापंचायत को महिलाओं का समर्थन होने की बात करते हुए आगामी पांच सितंबर को किसान महापंचायत को सफल बनाने की अपील की।
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में नेशनल हाईवे में कोयला टोल प्लाजा में किसानों का बेमियादी धरना 97वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए जमकर कोसा तथा नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू महिला मोर्चा की अध्यक्ष मधुबाला तुरैहा ने कहा कि केन्द्र सरकार उद्योगपतियों के दबाव में किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है और अपनी जिद पर अड़ी हुई है। उद्योगपतियों की सुविधा के अनुसार ही कृषि कानून बनाये गए हैं । तीनों कृषि कानूनों से किसानों को सिर्फ नुकसान होगा और उद्योगपतियों को फायदा मिलेगा। इसलिए सरकार तो उद्योपतियों के दबाव में किसानों से वार्ता करने को भी तैयार नहीं हो रही है।भारत कृषि प्रधान देश है और सरकार को किसानों की बात सुननी पड़ेगी।देश के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किसी भी कीमत में बर्रदाश्त नहीं किया जाएगा।जब तक केन्द्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं करेगी पूरे देश में किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।धरने में इरफान हसन, शरन कुमार कश्यप, तौकीर अहमद, छिद्दा अली, मोहम्मद उमर, सलीम, रमजानी, शाकिर अली, जुल्फिकार प्रधान, अब्दुल मुस्तफा, चंद्रसेन, सलीम आदि मौजूद रहे।