रामपुर। पावर कारपोरेशन प्रबंधन पर पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का आरोप लगाते हुए बिजली अभियंताओं का आंदोलन 12वें दिन भी जारी रहा। अभियंताओं ने सभा कर रोष प्रकट किया गया।
सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने हुई विरोध सभा में वक्ताओं ने कहा कि विगत दिनों उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग 23 जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं को बिना कारण बताए सुदूर पूर्वांचल और कुछ अन्य वितरण निगम मे स्थानांतरित कर दिया है। विद्युत अभियंता संघ की यह स्पष्ट राय है कि अस्थायी बिजली संयोजन देने में यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। अनियमितता के दोषियों पर तदनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। बिना जांच पूरी हुए बड़े पैमाने पर अभियंताओं और जूनियर इंजीनियरों को सुदूर स्थानांतरित किया जाना उत्पीड़नात्मक कार्रवाई है। विरोध सभा में अभियंताओं ने ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिमांचल में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के फलस्वरूप किसी भी अभियंता का उत्पीड़न किया गया तो प्रदेश के तमाम बिजली अभियंता मूकदर्शक नहीं रहेंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। वक्ताओं ने उर्जा मंत्री से अपील की कि वे तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करें। विरोध सभा मे विशाल मलिक , रवि गुप्ता, इमरान खान , नरेश कुमार, विनय कुमार आदि मौजूद थे।