तीन दिन पहले कोतवाली क्षेत्र में देहरादून से काठगोदाम जा रही नैनी जनशताब्दी एक्सप्रेस को रेलवे ट्रैक पर टेलीफोन का खंभा रखकर पलटाने के प्रयास के मामले में पुलिस खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उत्तराखंड और यूपी से हिरासत में लिए गए चार से ज्यादा संदिग्ध लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को काफी अहम सुबूत मिले हैं। संभावना है कि पुलिस एक या दो दिन में ही घटना से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
18 सितंबर की रात करीब 12 बजे नैनी जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन देहरादून से काठगोदाम जा रही थी। बिलासपुर रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के मध्य रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर पहले व बलवंत एनक्लेव कॉलोनी के पीछे रेलवे ट्रैक पर टेलीफोन का करीब सात मीटर लंबा लोहे का खंभा पड़ा हुआ था। ट्रेन के लोको पायलट ने ट्रैक पर लोहे का खंभा पड़ा हुआ देखा तो इमरजेंसी ब्रेक लगाते हुए ट्रेन को रोक दिया था।
चालक ने ट्रेन से उतरने के बाद खंभे को हटाकर रेलवे लाइन किनारे डाल दिया था और वह ट्रेन लेकर रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गया था। ट्रेन चालक की सूचना से रेलवे व पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। दोनों विभागों के एसपी ने रात में ही घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए थे। पुलिस व रेलवे का मानना था कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत नैनी जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को पलटने का प्रयास किया है। साजिश के चलते ही टेलीफोन के खंभे को ट्रैक पर रखा होगा। जीआरपी ने मामले में अज्ञात के लोगों में खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
एसपी विद्यासागर मिश्रा ने भी दो बार घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उच्च अधिकारियों ने घटना का पर्दाफाश करने के लिए रुद्र बिलास चौकी प्रभारी, एसओजी, आरपीएफ, जीआरपी की चार स्थानीय टीमों को लगाया है। ताकि वह लोग नैनी जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को पलटने की कोशिश करने वालों का सुराग लगाकर गिरफ्तार कर सकें।
खुफिया विभाग ने बिछाया अपना जाल
सूत्रों का कहना है कि घटना को लेकर खुफिया विभाग ने भी अपना जाल बिछा दिया है। पुलिस ने मामले में उत्तराखंड और यूपी के चार से ज्यादा संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। वहीं, पुलिस की टीमें उक्त मामले में यूपी, उत्तराखंड व दिल्ली में अपना जाल बिछाए हुए हैं।
दो से अधिक लोगों का शामिल होना माना जा रहा
इसके अलावा पुलिस व रेलवे विभाग की टीमों ने यूपी व उत्तराखंड क्षेत्र में ट्रेनों को क्षति पहुंचाने वाले संदिग्ध लोगों की भी तलाश कर रहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि जीआरपी पुलिस घटना के पर्दाफाश के नजदीक पहुंच चुकी है। सूत्रों का कहना है कि ट्रेन को पलटाने के प्रयास की साजिश में दो से अधिक लोगों का शामिल होना माना जा रहा है।
जीआरपी पुलिस कर रही तहकीकात
कोतवाली प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि घटना की तहकीकात जीआरपी पुलिस कर रही है। पुलिस की सभी टीमें उच्च अधिकारियों के आदेशों के अनुपालन में अलग-अलग लाइनों पर कार्य कर रहीं हैं। घटना का पर्दाफाश जीआरपी पुलिस द्वारा ही किया जाएगा। मामले में जीआरपी इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में अहम जानकारी मिली हैं, जल्द मामले में खुलासा होगा।