रामपुर। जिले में कुत्तों के काटने के मामले बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 10-15 केस कुत्ते के काटने के आ रहे हैं, जिन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाई जाती है। डाॅक्टरों का कहना है कि जानकारी के अभाव में तीन डोज लगवाने के बाद मरीज दोबारा नहीं आ रहे हैं। जबकि कोई भी मरीज चार डोज लगवाने के बाद ही पूरी तरह से सुरक्षित होता है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10-15 लोग एआरवी लगवाने के लिए आ रहे हैं, लेकिन लोग जागरूकता और जानकारी के अभाव में तीन डोज लगवाकर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। पहली डोज लगाने के साथ ही बताया जाता है कि चारों डोज लगवानी जरूरी हैं, लेकिन अधिकांश लोग तीन डोज को पूरा मानकर दोबारा नहीं आते हैं। ऐसे में कभी भी कोई परेशानी बढ़ सकती है।
मौजूदा समय में जिला अस्पताल में आए 50 फीसदी मरीज ऐसे हैं जिन्होंने अब तक चौथी डोज नहीं लगवाई हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, जो भी चौथी डोज नहीं लगवा रहे हैं, भविष्य में उनको परेशानी हो सकती है।
-
कैसे करें बचाव
-पालतू पशुओं का नियमित टीकाकरण कराएं।
-पशुओं की खरोंच, दांत से हुए घाव की अनदेखी न करें।
-घाव को धोकर आयोडीन, स्प्रिट, एंटीसेप्टिक लगाएं।
कई बार लोग तीन डोज लगाकर चले जाते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। एंटी रैबीज के पूरे चार टीके लगवाने चाहिए। - डॉ. दशरथ सिंह, एसीएमओ, रामपुर