रामपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने परिषदीय विद्यालयों एवं ब्लॉक संसाधन केंद्र सैदनगर, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सैदनगर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान बीआरसी के पांच और एक विद्यालय के सहायक अध्यापक अनुपस्थित मिले, जिस पर उनका एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं।
बीएसए कल्पना सिंह ने सैदनगर के प्राथमिक विद्यालय मंसूरपुर का निरीक्षण किया। जहां जानकारी हुई कि कायाकल्प के तहत ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा सहयोग नहीं किए जाने के कारण कायाकल्प का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कक्षाओं में पठन-पाठन विधिवत रूप से पाया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय दिलपुरा में भी ग्राम प्रधान तथा सचिव के सहयोग न करने के कारण कायाकल्प का कार्य प्रारंभ नहीं पाया गया। विद्यालय में विधिवत रूप से शिक्षण कार्य होता पाया गया। मॉडल प्राथमिक विद्यालय दिलपुरा के निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षक प्रशांत चौहान अनुपस्थित पाए गए, जिनका अवकाश मानव संपदा पर स्वीकृत नहीं था, जिसके लिए अध्यापक का एक दिन का वेतन काटा गया। विद्यालय में शेष अध्यापक व शिक्षामित्र उपस्थित पाए गए। विद्यालय में कायाकल्प का कार्य संतोषजनक पाया गया। विद्यालय में स्कूल बैग व जूते रखे हुए पाए गए, जिसके संबंध में प्रधान अध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ब्लॉक संसाधन केंद्र सैदनगर का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें कार्यालय सहायक रेहान, मोनिस मियां एवं हर्षित सक्सेना तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोहम्मद आसिफ एवं हिमांचला कौर अनुपस्थित पाए गए। सभी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सैदनगर के निरीक्षण के दौरान पूर्णकालिक शिक्षिका प्रीति कुमारी 13 सितंबर से लगातार अनुपस्थित पाई गईं। जिनका माह सितंबर का वेतन अग्रिम आदेशों तक बाधित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर कठोर एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पूर्णकालिक शिक्षिका बरखा गुप्ता तथा सहायक रसोईया मालो देवी अवकाश पर पाई गईं। शेष स्टाफ उपस्थित पाया गया। विद्यालय में कक्षाएं विधिवत संचालित होते हुए पाई गईं। विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे व स्क्रीन खराब पाई गई, जिसे तत्काल सही करने के निर्देश दिए गए। विद्यालय के गेट पर बने वार्डरूम को हैंड ओवर करते हुए उपयोग में लाए जाने के भी निर्देश दिए गए। टेलीविजन का इंस्टॉलेशन नहीं हुआ है, जिसे तत्काल कराए जाने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान द्वारा निर्मित छात्रावास कक्षा नौ से 12 को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के साथ संचालित किए जाने के निर्देश दिए गए।