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पहले दिन गेहूं क्रय केंद्र तो खुले, लेकिन किसानों के न पहुंचने के करण तौल रही शून्य

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रामपुर। जिले में गेहूं खरीद प्रक्रिया को लेकर 143 क्रय केंद्रों को मंजूरी दी गई है। इनमें से अधिकतर क्रय केंद्रों पर शुक्रवार तक सभी व्यवस्थाएं मुकम्मल कर गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई लेकिन, पहले दिन किसी भी केंद्र पर कोई किसान नहीं पहुंचा, इससे क्रय केंद्र पूरे दिन सूने ही दिखाई पड़े और किसी भी केंद्र पर तौल नहीं हो सकी।
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बिलासपुर तहसील क्षेत्र में पहले 22 गेहूं क्रय केंद्र स्वीकृत हुए थे। इसके बाद 14 नये गेहूं क्रय केंद्र बृहस्पतिवार की शाम स्वीकृत हुए हैं। कुल 36 क्रय केंद्र मंडी समिति और गांवों में स्थापित हुए हैं। लेकिन, शुक्रवार दोपहर बाद तक किसी भी केंद्र पर कोई किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। सभी क्रय केंद्रों पर बारदाना, कांटा, छल्ला, लेबर आदि मौजूद थी। किसानों को बैठने व ठहरने की भी व्यवस्था है। डिप्टी आरएमओ अनुपम कुमार निगम ने शुक्रवार की दोपहर 2:30 बजे नवीन मंडी स्थित सभी 13 गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 22 क्रय केंद्र चालू हो गए हैं और 14 नए जो क्रय केंद्र स्वीकृत हुए हैं। उनकी जियो टैगिंग हो रही है। शनिवार दोपहर तक ये सभी केंद्र भी पूरी तरह से चालू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी कोई किसान गेहूं लेकर नहीं आया है। अगर, कोई किसान आता है, तो तुरंत ही उसका गेहूं तौला जाएगा। मंडी सचिव उदयवीर सिंह गंगवार ने बताया कि गेहूं खरीदने के लिए हमारी मंडी के सभी तेरा गेहूं क्रय केंद्र पूरी तरह से तैयार हैं।
शाहबाद मंडी परिसर में आरएफसी के दो, पीसीयू दो, पीसीएफ दो, यूपीएससी एक और एफसीआई का एक क्रय केंद्र स्थापित किया गया है। सभी केंद्रों पर केंद्र प्रभारी पहले दिन किसानों के आने की राह देखते रहे। मौके पर सभी केंद्र प्रभारियों ने बैनर लगा रखे थे। पेयजल की उचित व्यवस्था थी। शुक्रवार को पहले दिन तैयारियां काफी मुकम्मल की गईं थीं। लेकिन, किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचे। एसएमआई मधु कुमारी और संदीप कुमार ने बताया कि उनकी ओर से सारी तैयारियां मुकम्मल हैं। किसान अपना गेहूं लेकर आते हैं, तो गेहूं की तौल की जाएगी। पहले दिन ही एसएमआई मधु कुमारी और संदीप कुमार ने भरपूर मात्रा में बारदाने को भी मंगवा लिया। पहले दिन ही एसडीएम अशोक कुमार चौधरी और नोडल अधिकारी (बीडीओ) वरुण चतुर्वेदी गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे।
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शुक्रवार से गेहूं की सरकारी खरीद शुरूहो गई है। मिलक में कुल 33 केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें मिलक मंडी परिसर में 15 सेंटर स्थापित किए गए हैं जिसमें आरएफसी के दो केंद्र, पीसीएफ के छह केंद्र, पीसीयू के तीन केंद्र, यूपीएसएस के दो केंद्र, एसएफसी का एक केंद्र, एफसीआई का एक गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। गेहूं खरीद के पहले दिन केंद्रों पर सुस्ती छाई रही। कोई भी किसान सरकारी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। ऐसे में अधिकारी पूरे दिन किसानों का केंद्रों पर पहुंचने का इंतजार करते रहे।
सुबह करीब 11:30 बजे धनौरी साधन सहकारी समिति धनौरी साधन सहकारी समिति परिसर में कांटा, बैनर, बारदाना और किसानों के लिए ठंडे पानी इत्यादि की व्यवस्थाएं तो पूरी मिलीं, लेकिन आज पहले दिन एक भी किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पर नहीं पहुंच सका है। केंद्र प्रभारी और कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे किसानों की राह देखते रहे। वहीं, कुछ ऐसा ही हाल गेहूं क्रय केंद्र दूंदावाला का है। यहां भी किसान अपना गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। हालांकि, यहां खरीदारी और खातिरदारी की व्यवस्थाएं पर्याप्त दिखाई दीं। इनके अलावा विपणन विभाग स्वार, हरदासपुर कोठरा, एसएसएस भोट बक्काल एट गम्मनपुरा, एफएसएस समोदिया, गूलड़ पीपलसाना, मीरापुर एट रजानगर, मानपुर तथा पुस्वाड़ा क्रय केंद्रों पर पहले दिन एक भी किसान गेहूं तौलवाने नहीं पहुंचा।
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