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संसाधनों के अभाव में काम कर रहा अग्निशमन विभाग, एक भी फायर स्टेशन ऑफिसर की नहीं है तैनाती

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संसाधनों के अभाव में काम कर रहा अग्निशमन विभाग, एक भी फायर स्टेशन ऑफिसर की नहीं है तैनाती
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मिलक और स्वार में न अग्निशमन केंद्र और न ही आग बुझाने के इंतजाम
रामपुर। जिले का अग्निशमन विभाग संसाधनों के अभाव में काम कर रहा है। मिलक और स्वार में तो अग्निशमन केंद्र तक नहीं हैं। जिले में स्टाफ की भी बड़ी कमी है। यहां तक कि जिले में एक भी फायर स्टेशन ऑफिसर की तैनाती नहीं है। जिले में मात्र पांच गाड़ियां हैं। जबकि, जरूरत इससे कहीं अधिक है। ऐसे में कहीं आग लग जाए, तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है। जब तक गाड़ियां पहुंचती हैं, तब तक तो काफी नुकसान हो जाता है।
जिले की आबादी दिनों दिन बढ़ रही है। जिले की अनुमानित आबादी 27 लाख से पार हो गई है। छह तहसीलों में रहने वाली इस आबादी के लिए आग से बचाव के संसाधन बेहद मामूली हैं और जो हैं, वे भी समय के साथ घटते जा रहे हैं। पहले यहां जगह-जगह जमीन में हाईड्रेंट लगे थे, लेकिन उपयोग न होने और देखभाल के अभाव में अब ये जमीन में इतने गहरे दफन हो चुके हैं कि इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सिर्फ 12 हाईड्रेंट ही ऐसे हैं, जिनका प्रयोग हो सकता है। सात हाईड्रेंट खराब हो चुके हैं। अग्निशमन केंद्र शहर में दो हैं। एक नैनीताल हाईवे पर राधा सिनेमा के पास और दूसरा पुलिस लाइन में। हालांकि, ये फायर स्टेशन जर्जर भवनों में चल रहे हैं। इनके अपने भवन का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा बिलासपुर में फायर स्टेशन है, जो शुरू हो चुका है। यहां स्टॉफ की कमी नहीं है, जबकि शाहबाद, मिलक, स्वार व टांडा में फायर स्टेेशन निर्माणाधीन हैं। ऐसे में जब भी किसी तहसील में अग्निकांड होता है तो शहर से गाड़ियां भेजनी पड़ती हैं। शहर से इन तहसीलों की दूरी 30 से 50 किलोमीटर है। ऐसे में जब तक गाड़ी पहुंचती है, वहां बचाने को कुछ नहीं रहता। इनके पहुंचने तक आग में सब कुछ खाक हो चुका होता है।
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स्टाफ की क्या है स्थिति
पद - आवश्यकता - कितनी तैनाती
एफएसओ - 4 - 0
एफएसएसओ - 6 - 2
ड्राइवर - 16 - 9
ये हैं इंतजाम
-रामपुर - दो अग्निशमन केंद्र (तीन बड़ी और एक छोटी गाड़ी की तैनाती है। फायरमैन पूरे हैं।)
-मिलक - कोई नहीं
-शाहबाद - निर्माणाधीन (वैकल्पिक रूप से क्षेत्र में पांच फायरमैन और एक छोटी गाड़ी की तैनाती)
-बिलासपुर - एक (एक बड़ी और एक छोटी गाड़ी है। फायरमैन के 16 पद हैं, जिनमें सभी पदों पर तैनाती है।)
-स्वार - कोई नहीं
-टांडा - एक (यहां एक मीडियम गाड़ी है। स्वीकृत फायरमैन 16 होने चाहिए, लेकिन 12 ही तैनात हैं।)
-हमारे यहां स्टाफ की कमी है, जिनमें फायर स्टेशन ऑफिसर के चार पद हैं और चारों पद रिक्त हैं। इसके लिए लगातार मुख्यालय को जानकारी दी जाती है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में स्थिति और बेहतर हो जाएगी।
-अंकुश मित्तल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, रामपुर।
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