रामपुर। अजीमनगर थाना क्षेत्र में मारपीट के दौरान युवक की मौत हो जाने के मामले में कोर्ट ने पिता पुत्र को दस-दस साल की कैद की सजा सुनाई गई है। उनपर पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना भी डाला गया है।
अजीमनगर थाना क्षेत्र के नवाबगंज गांव निवासी 25 साल के युवक राजू पर तीन जुलाई 2010 की रात में कुछ लोगों ने हमला कर दिया था, जब वह पड़ोस में ही एक तिलक समारोह से वापस लौट रहा था। इस घटना में राजू गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में राजू की मां की ओर से गांव के ही देवीराम, झंडे, उसके बेटे सुरेंद्र और सोहन लाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 308 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। दो दिन बाद राजू ने दिल्ली ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने इस मुकदमे को गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम किया और फिर इस मामले की तफ्तीश करते हुए झंडे व सुरेंद्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट में इस मुकदमे की सुनवाई हुई और फिर सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सुबूत पेश किए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग रखी, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने झंडे व उसके बेटे सुरेंद्र को दस-दस साल की कैद व पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास की भी सजा सुनाई गई है। जुर्माना की राशि में से 80 हजार रुपये पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए गए हैं।